बिसौली में सहयोगियों को सम्मानित करती मेला की आयोजन समिति। संवाद
बदायूं। श्री गणेश सेवा मंडल की ओर भोला धाम में चल रही कथा में व्यास राध्या भारद्वाज ने विश्व के कल्याण के लिए भगवान गणपति के विवाह का वर्णन किया। बताया कि उनका विवाह ब्रह्माजी की मानस पुत्रियां रिद्धि एवं सिद्धि के साथ हुआ।
उन्होंने बताया कि जो भी भक्त भगवान गणेश की सच्चे मन से पूजन करते हैं उसके घर में रिद्धि एवं सिद्धि का वास होता है। भगवान गणपति देवताओं में प्रथम पूज्यनीय है इसलिए सभी देवताओं का आशीर्वाद भगवान गणेश के पूजन से प्राप्त होता है। भोलाधाम में बैंड-बाजों के साथ भगवान गणेश की बरात निकाली गई। मनमोहक झांकी भगवान गणेश और रिद्धि सिद्धि का विवाह के रूप में प्रस्तुत की गई। पूरा पंडाल एक मंडप के रूप में परिवर्तित हो गया।
साध्वी के साथ आए कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दीं। कमेटी की ओर से बताया गया कि 31 अगस्त दिन रविवार को सायं आठ बजे राधा अष्टमी के पावन पर्व पर 56 भोग का एक विशेष आयोजन किया जाएगा।
बिसौली में सहयोगियों को सम्मानित करती मेला की आयोजन समिति। संवाद
बिसौली में सहयोगियों को सम्मानित करती मेला की आयोजन समिति। संवाद