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Budaun News: जिलेभर में निशुल्क अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था ठप

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बदायूं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसए) के तहत जिलेभर में निशुल्क अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है। फिर भी पिछले दो दिवसों से यह व्यवस्था ठप है। इस वजह से गर्भवती निजी सेंटर में रुपये देकर अल्ट्रासाउंड करवा रही हैं। इससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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जिले की सीएचसी, पीएचसी, मेडिकल काॅलेज और जिला महिला अस्पताल में माह की 1,9,16 और 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाता है। इसमें गर्भवतियों की जांच और उन्हें खानपान के बारे में बताया जाता है। इसके अलावा गर्भवती के शरीर में खून और आयरन कमी बढ़ाने की दवाएं दी जाती है। इसी अभियान के तहत जिन गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड कराने की जरूरत होती है। डॉक्टर उन्हें मैसेज के माध्यम से निशुल्क अल्ट्रासाउंड के लिए टोकन जारी कर रहते हैं। जिलेभर में 16 और 24 तारीख को गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड निशुल्क करने का टोकन जारी कर दिया गया। जब गर्भवती डायग्नोस्टिक सेंटरों पर पहुंची तो नहीं उन्हें पैसे देने पड़े।
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अपडेट हो रहा भुगतान का पोर्टल
डिप्टी सीएमओ आरसीएच डॉ. सरोज ने बताया कि पहले फैम्स पोर्टल के माध्यम से भुगतान किया जाता है, लेकिन इन दिनों पोर्टल पर अपडेशन का काम चल रहा है। इस वजह से शासन स्तर से भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसके चलते अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं।
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निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में है निशुल्क अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों से स्वास्थ्य विभाग का अनुबंध है। इसके तहत सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित होने वाले दिवसों में आने वाली गर्भवतियों को निशुल्क अल्ट्रासाउंड के लिए टोकन जारी होता है। यह टोकन दिखाकर अनुबंधित डायग्नोस्टिक सेंटर में गर्भवती योजना का लाभ ले सकती हैं। जिले में 34 अनुबंधित डायग्नोस्टिक सेंटर हैं।

केस एक
मिर्जापुर सोरा निवासी मुस्कान ने बताया कि बिल्सी सीएचसी से उन्हें निशुल्क अल्ट्रासाउंड के लिए टोकन जारी हुआ था। जब वह अल्ट्रासाउंड कराने निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंची तो मोबाइल पर ओटीपी नहीं आया। इसलिए 500 रुपये देकर अल्ट्रासाउंड कराया।

केस दो
बांस बरोलिया निवासी शिवानी ने बताया कि बिल्सी के सरकारी अस्पताल से निशुल्क अल्ट्रासाउंड के लिए टोकन जारी हुआ था। उसे लेकर डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचे तो वहां टोकन स्कैन किया गया। उसके बाद ओटीपी नहीं आया। इस वजह से उन्होंने 500 रुपये देकर अल्ट्रासाउंड कराया।
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