उझानी पालिका कार्यालय में जुटे वाहन चालक। संवाद
- फोटो : संवाद
उझानी। ग्रामीणों ने दूसरे दिन भी नगर पालिका का कूड़ा सड़क किनारे नहीं फेंकने दिया। सुबह दो- तीन टेंपो से कूड़ा डाला गया तो ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। उसके बाद चालकों ने कूड़ा लदे वाहन पालिका परिसर में खड़े कर दिए। बाद में उनको कछला के एमआरएफ सेंटर परिसर में भेजा गया।
छतुइया और अचौरा गांव के पास सड़क किनारे गड्ढों में कूड़ा डालने का ग्रामीणों ने मंगलवार से विरोध शुरू किया था। दूसरे दिन सुबह पालिका के चालक कल्लू, सर्व सिंह, सौरभ और विपुल आदि कूड़ा लदे वाहनों को लेकर छतुइया के पास पहुंचे। वह कूड़ा डाल पाए थे कि ग्रामीण आ गए। उन्होंने हंगामा करते हुए वाहनों को सड़क किनारे खाली नहीं करने दिया। खदेड़े जाने के बाद चालक वाहन लेकर पालिका कार्यालय आ गए। कूड़ा लदे वाहनों को परिसर में ही खड़े कर दिया गया।
सफाई निरीक्षक हरीश कुमार त्यागी और लेखाकार राजकुमार गुप्ता को चालकों ने बताया कि सड़क किनारे कूड़ा डालने का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर सफाई निरीक्षक त्यागी ने ईओ के अलावा प्रशासनिक अफसरों से बात की। कूड़ा लदे वाहनों को खाली कराने के लिए कछला स्थित एमआरएफ सेंटर भेजा गया है।
-
सफाई व्यवस्था गड़बड़ाई... फुल हो गए डस्टबिन
- कूड़ा फेंकने का काम रुका तो कस्बे की सफाई व्यवस्था भी लड़खड़ा गई। कर्मचारियों ने गली- मोहल्लों में सफाई तो की, लेकिन कूड़ा उन्हें सड़क किनारे ही छोड़ना पड़ गया। मोहल्लों में रखे डस्टबिन फुल हो गए। डस्टबिन का कूड़ा वाहनों में अनलोड किए जाने का नंबर ही नहीं आया। सबसे ज्यादा दिक्कत गौतमपुरी, बहादुरगंज, साहूकारा और अहीरटोला मोहल्ले के लोगों को हुई। सब्जी मंडी के पास रख पालिका का डस्टबिन तो सुबह में ही फुल हो गया था।
उझानी पालिका कार्यालय में जुटे वाहन चालक। संवाद- फोटो : संवाद