बिल्सी रोड पर निर्माणाधीन एआरटीओ का ट्रेनिंग सेंटर। संवाद
बदायूं। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में जल्द ही फर्जीवाड़ा खत्म होगा। परिवहन निगम बिल्सी जाने वाले मार्ग किनारे ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट व टेस्टिंग ट्रैक का निर्माण करवाएगा। यह पीपीपी मॉडल पर चलेगा। इसका संचालन आई कैट संस्था की ओर से होगा।
लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए शासन ने पहले से ही ऑनलाइन व्यवस्था की है। आवेदन के बाद निर्धारित तिथि पर किसी भी कैफे या घर से टेस्ट दिया जा सकता है, लेकिन इसके बाद नियमित ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में खेल होता है। आवेदक दलालों के माध्यम या सीधे कार्यालय में पहुंचते हैं। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों के सिफारिश या दलालों की सेटिंग से बिना टेस्ट के ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पात्रता हासिल कर लेते हैं।
आने वाले समय में ऐसा नहीं हो सकेगा। कोई भी व्यक्ति पात्रता न होने पर पास नहीं हो पाएगा। इसके लिए शासन के निर्देश पर बिल्सी मार्ग पर करीब 11 बीघा जमीन पर ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बनाया जाएगा। यहां चार ड्राइविंग ट्रैक बनेंगे। यहां सेंसर लगे होंगे। यहां पर एक वेटिंग और दो ट्रेनिंग क्लास रूम बनेंगे।
फीस देने के बाद वाहन चलाने की पढ़ाई भी कराई जाएगी। काम पूरा होने के बाद दिल्ली की आई कैट संस्था के अधिकारी निरीक्षण करेंगे। जिनकी अनुमति के बाद नई व्यवस्था के तहत ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
यह रहेगी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया
आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करके निर्धारित फीस जमा करनी होगी। इसके बाद डीटीआई पर टेस्ट होगा। आवेदकों को वाहन चलाना होगा। वाहनों को आगे-पीछे करके और पार्किंग करना देखा जाएगा। अगर वाहन चलाना नहीं आता है तो लाइसेंस नहीं बन सकेगा।
ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। संस्था के निरीक्षण के बाद अनुमति के लिए आवेदन किया गया है। अनुमति मिलने के बाद टेस्ट शुरू किए जाएंगे।
- रामवचन गुप्ता, एआरटीओ