अंतिम चरण में चार ब्लाकों के 265 प्रधान पदों के सापेक्ष 2,138 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रहे। 3,323 ग्राम पंचायत सदस्य पदों के सापेक्ष 1,850 सदस्य निर्विरोध हो चुके थे। अब 1,473 रिक्त पदों पर 2104 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रहे। इस प्रकार प्रधान और सदस्य पद के लिए कुल 4,242 चुनाव प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में कैद हो गया है। इस बीच छिटपुट घटनाएं भी हुईं। अहम घटना आसफपुर ब्लाक के बीघा नगला बूथ पर हुई। यहां हंगामे के दौरान एक मतपेटी में पानी डाल दिया गया। वजीरगंज में एक महिला प्रत्याशी के भाई को पोलिंग बूथ पर हार्टअटैक हुआ और उसकी मौत हो गई। इसी ब्लाक में चारपाई पर वोट डालने आई एक वृद्धा के घर पहुंचते ही प्राण पखेरू उड़ गए। चौथे चरण के मतदान के दिन मौसम खराब रहा। पूरे दिन सूर्य के दर्शन तक नहीं हुए।
बुधवार को प्रात: सात बजे से ही सभी मतदेय स्थलों पर मतदान शुरू हो गया। ठंड और कोहरे का प्रभाव मतदान केंदों पर नजर आया। चतुर्थ चरण की मतदान प्रक्रिया का जायजा लेने को बरेली रेंज के आईजी बीएस मीणा ने बिसौली, वजीरगंज ब्लाक में पहुंचकर मतदान प्रक्रिया का स्थलीय निरीक्षण किया। चुनाव प्रेक्षक अजय कुमार सिंह ने भी निर्वाचन क्षेत्रों का भ्रमण कर मतदान प्रक्रिया पर नजर रखी। जिलाधिकारी शंभू नाथ, एसएसपी सौमित्र यादव ने संयुक्त रूप से ग्राम सैंडोला, महोरी, दफ्तरा, दबतोरी, संग्रामपुर, बिसौली ब्लाक के कालूपुर सहित तमाम मतदान केंद्रों का गहन निरीक्षण किया। सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया, एडीएम वित्त राजेंद्र प्रसाद यादव ने भ्रमणशील रहकर स्थिति का जायजा लेते रहे। एडीएम प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव और एसपी सिटी अनिल कुमार ने ग्राम सैंडोला के मतदान केंद्र पर काफी देर रूक कर मतदान की स्थिति को देखा।