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चार लालबत्ती, फिर भी जिले में ‘बत्ती गुल’ 

Wed, 27 Jul 2016 11:29 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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‘बत्ती गुल’  - फोटो : अमर उजाला
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बिजली कटौती से परेशान लोग हो गए बेहाल 
 ‘मैं इस उम्मीद में डूबा कि तू मुझे बचा लेगा, इससे ज्यादा और मेरा इम्तहान क्या लेगा’ शायर वसीम बरेलवी का यह शेर जिले की जनता के जनप्रतिनिधियों के भरोसे पर एकदम सटीक बैठता है। यहां की जनता ने सपा पर भरोसा किया था कि उन लोगों को बिजली सुचारू रूप से मिलेगी, लेकिन जनता को उस भरोसे के बदहाल बिजली व्यवस्था ही मिल सकी। ऐसा तब है जब जिले में जिला पंचायत सदस्य समेत चार लाल बत्ती हैं, तब जिले में बत्ती अक्सर गुल रहती है। कहने को इस वीआईपी जिले की परेशानहाल जनता अधिकारियों से लेकर विद्युत विभाग के कर्मचारियों और नेताओं की चौखट पर बिजली सप्लाई सुचारू किए जाने की मांग कर चुकी है, लेकिन उसकी गुहार पर कोई तवज्जो नहीं दी जा रही।  
शहरी हो या ग्रामीण हर क्षेत्र से बिजली कटौती को लेकर रोजाना धरना-प्रदर्शन और शिकायतें हो रही हैं। हों भी क्यों न, जब 24 घंटों में सही ढंग से 10 घंटे भी बिजली नसीब नहीं हो रही है, उसमें चंद मिनटों के अंतराल पर होने वाली ट्रिपिंग और ज्यादा परेशान करती है। जिले में बिजली सप्लाई सही न मिलने की वजह से जिले के लोगों में समाजवादी सरकार के खिलाफ रोष बढ़ता ही जा रहा है। यहां की जनता की रोष बढ़ना लाजिमी है, क्योंकि पंचायत चुनावों में जिले के अधिकांश 15 ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष समाजवादी पार्टी के ही चुने गए। इसके अलावा शेखूपुर, सदर, सहसवान और बिसौली से विधायक भी सपा के चुने गए। साथ ही सपा के एमएलसी भी चुनाव जीते। 
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सपा के अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए सहसवान विधायक ओमकार सिंह को ग्राम्य विकास राज्यमंत्री, सदर विधायक आबिद रजा को वक्फ विकास निगम का अध्यक्ष और एमएलसी बनवारी सिंह को तीन लालबत्ती का तमगा मिला। साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चंद्रा के चुनाव जीतने के बाद से चार लालबत्ती हैं। बावजूद इसके जिले विद्युत आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ। इससे जनता को जो उम्मीदें थीं, वो टूटती नजर आ रही हैं। स्थानीय लोगों को अपने जनप्रतिनिधियों से बेहतर बिजली व्यवस्था कराने की अपेक्षा है, लेकिन वे कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे। इस बार तो रमजान में बिजली मेहरबान नहीं रही।  
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सीएम के छोटे भाई सांसद से ज्यादा उम्मीदें 
बदायूं। जिले के पिछड़ेपन का दाग मिटाने और विकसित जिलों की श्रेणी में बदायूं को खड़ा करने का दावा करने वाले सपा सांसद एवं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के छोटे भाई धर्मेंद्र यादव से जिले के लोगों को ज्यादा उम्मीदें हैं, क्योंकि बदायूं की जनता ने पीएम नरेंद्र मोदी की आंधी में भी जिले में सांसद को जिताने का काम किया, लेकिन फिर भी जिले की बिजली व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हुआ, जबकि कन्नौज, एटा, इटावा, मैनपुरी, रामपुर आदि जिलों में बिजली व्यवस्था लल्लन टाप चल रही है। 
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उसावां में सिंचाई कार्य बाधित
उसावां। कस्बे की बिजली व्यवस्था इन दिनों बेहद खराब होती जा रही हैं।  पूरे दिन में  मात्र छह-सात घंटे ही बिजली मिल पा रही हैं। उसावां कस्बे को  दो शिफ्टों में सुबह 10 से 4 बजे तक तथा रात 10 से 12 बजे तक बिजली दी जार  ही है। इसमें लोकल फॉल्ट व तार टूटने के चलते दो से तीन घंटे सप्लाई बंद  रहती हैं, जिसके कारण कस्बे को छह-सात घंटे ही बिजली मुश्किल से मिल पा रही  है। ग्रामीण क्षेत्रों का तो और भी बुरा हाल है। इसके विपरीत उसावां 132  केवीए बिजली घर से पोषित कलान व मिर्जापुर को 16 घंटे तथा उसहैत,अलापुर व  सखानू को 12 से 14 घंटे बिजली दी जा रही है। बिजली न मिलने के कारण सिंचाई  बाधित हो रही है। रात को बिजली न होने के कारण लोग चैन से नहीं सो पा रहे।  लोगों ने विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि उसावां क्षेत्र की जनता के  साथ सौतेला व्यवहार बंद करें, नहीं तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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कागजों में चल रही 20 घंटे सप्लाई
बदायूं। विद्युत विभाग की ओर से जिले में 20 घंटे की सप्लाई कागजों में ही दी जा रही है। हकीकत में बिजली 12 से 14 घंटे भी नसीब नहीं हो रही। विभाग के शेड्यूल के अनुसार कटौती का समय दिन में एक से तीन बजे और रात में एक से तीन बजे तक का होता है। रोजाना सुबह छह बजे से एक बजे तक दो से तीन घंटे की कटौती, उसके बाद तीन बजे रात 10 बजे तक करीब दो घंटे की कटौती। अब तो रात में 10 बजे से लेकर तीन बजे तक की एकमुश्त कटौती की जा रही है। इसमें कई बार ट्रिपिंग होती रहती है। रविवार को शाम तीन बजे से लेकर शाम तक हर 10 मिनट में ट्रिपिंग हुई। साथ ही आधा से एक घंटे तक कटौती की गई। रात में एकमुश्त कटौती जारी रही। सोमवार को सुबह से कटौती शुरू हो गई। विभाग ने आपातकालीन कटौती कहकर पल्ला झाड़ लिया। रात में भी कटौती जारी रही। मंगलवार को दिन में करीब पांच घंटे की कटौती के बाद रात में 10 से तीन बजे तक कटौती हुई। इससे लोगों की रात की नींद भी उड़ गई।
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जिले में बेहतर सप्लाई कराने के प्रयास करेंगे
बदायूं। जिले में धड़ल्ले से हो रही बिजली कटौती पर लगाम कसने के बारे में वक्फ विकास बोर्ड के अध्यक्ष सदर विधायक आबिद रजा ने कहा कि जिले में बिजली व्यवस्था बेहतर कराने के लिए विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता और प्रशासनिक अधिकारियों से कहा जाएगा। जिले में बिजली व्यवस्था बेहतर कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
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जिले के लिए 24 करोड़ रुपये की बिजली खरीद की जाती है, जबकि बिल केवल आठ से 10 करोड़ रुपये का ही वसूल होता है। इस वजह से उच्चाधिकारियों से कुछ नहीं कह पाते हैं। आपातकालीन कटौती स्थानीय स्तर से नहीं होती है। इस वजह से इस पर लगाम नहीं लगाया जा सकता है। लोग बिजली चोरी न करें और समय पर बिलों का भुगतान करें, तो हम अपनी बात उच्चाधिकारियों से प्रभावी रूप से रख सकते हैं।
-मधुप श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग
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