क्रास केस में वादी पक्ष के भी चार लोगों को कैद और जुर्माना
अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम रईस अहमद ने गैर इरादतन हत्या में नामजद तीन भाइयों समेत चार लोगों को दोषी करार देते हुए छह-छह साल कैद और छह-छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए वादी पक्ष को भी चोट पहुंचाने के आरोप में दोषी करार देते हुए तीन साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
घटना थाना उघैती के गांव सैफपुर में छह अगस्त 2010 को हुई थी। वादी राजीव कुमार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपनी मां के साथ ट्रेक्टर-ट्रॉली से घर आ रहा था। ट्रेक्टर का हेरोआरोपी जगतपाल, राजेंद्र, सतेंद्र पुत्रगण इंद्रपाल और जगदीश पुत्र लाल सिंह के घर के सामने पुलिया से लग गया। इसी बात पर आरोपियों ने उसे और उसकी मां अवधेश कुमारी को लात-घूंसों से मारा-पीटा। उसकी मां को गंभीर चोटें आईं। बाद में उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं आरोपी जगदीश के पुत्र जुगेंद्र ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि प्रवीन कुमार पुत्र राजपाल तेजी से ट्रेक्टर ले जा रहा था। उसकी मां ने ट्रेक्टर तेज चलाने पर टोक दिया। इस पर प्रवीन और राजपाल, प्रेमपाल, वीर सिंह पुत्रगण धौली ने गालियां देनी शुरू कर दीं। विरोध करने पर उसके पिता को लात घूंसों से पीटकर घायल कर दिया।
विद्वान न्यायाधीश रईस अहमद ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अभियोजन की ओर से एडीजीसी जगत सिंह यादव और बचाव पक्ष के वकीलों को सुनने के बाद गैर इरादतन हत्या में जगतपाल, राजेंद्र, सतेंद्र और जगदीश को छह-छह साल कैद और छह-छह हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। दूसरे पक्ष के प्रवीन, राजपाल, प्रेमपाल और वीर सिंह को तीन-तीन साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।