मरने वालों में महिला, उसकी नवजात बेटी और दो ननद शामिल
स्वास्थ विभाग की टीम मौके पर पहुंची, ग्रामीणों का चेकअप किया
जगत ब्लाक क्षेत्र के ललबुझिया गांव में बुखार से चार लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में महिला, उसकी नवजात बच्ची और दो ननद शामिल हैं। शुक्रवार को मौके पर पहुंची स्वास्थ्य टीम ने दिनभर गांव में रहकर बुखार पीड़ित मरीजों की जांच की। परिवारजनों ने नवजात बच्ची समेत चारों का अंतिम संस्कार कर दिया।
ललबुझिया गांव निवासी अर्जुन की गर्भवती पत्नी 26 वर्षीय गीता देवी, अर्जुन की चचेरी बहन 20 वर्षीय मिथलेश और 17 साल की कुसुमा देवी को पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिवारीजनों ने तीनों का पड़ोसी गांव में झोलाछाप को दिखाया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। परिवारीजनों के मुताबिक 16 अगस्त की शाम सात बजे गीता को शहर के खेड़ा नवादा स्थित मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया। अगले दिन बुधवार की सुबह नौ बजे गीता ने बेटी को जन्म दिया। जन्म के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। दोपहर करीब दो बजे गीता ने भी दम तोड़ दिया। परिवारीजन दोनों के शव घर ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।
उधर, बुखार से पीड़ित रामकिशोर की बेटी 20 साल वर्षीय मिथलेश और 17 वर्षीय कुसुमा देवी को बृहस्पतिवार सुबह शहर के नेकपुर मोहल्ला स्थित शिव अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रात करीब दस बजे कुसुमा देवी की मौत हो गई। इसके छह घंटे बाद रात में करीब चार बजे मिथलेश ने दम तोड़ दिया। दोनों बहनों के शव घर ले जाए गए तो परिवार में कोहराम मच गया। परिवारीजनों का कहना है कि चारो लोगों की मौत बुखार से हुई है।
बुखार से चार लोगों का पता लगने पर पूरे गांव मातम छा गया। मृतकों के घर कुछ ही देर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पूर्वाह्न 11.30 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम ललबुझिया पहुंची। जहां प्राथमिक विद्यालय में कैंप लगाकर बुखार और सर्दी-जुकाम से पीड़ित लोगों का चेकअप किया और मुफ्त में दवाएं दीं। ब्लड सैंपल लिए गए और स्लाइड भी बनाई गई। मगर दोनों लड़कियों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। परिवारीजनों ने दोपहर बाद दोनों को दफना दिया।
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कोट....
दोनों लड़कियों की मौत वायरल से हुई है। महिला और उसकी नवजात बच्ची की मौत बुखार से नहीं हुई। इन दोनों की मौत कैसे हुई इसकी जांच की जा रही है।
- नेमी चंद्रा, सीएमओ