जगत ब्लॉक के गांव ललबुझिया में बुझिया में बुखार से चार लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमा जाग उठा है। डेंगू के आठ संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने किसी भी बुखार पीड़ित के खून की जांच कराने की जरूरत नहीं समझी थी।
जिले में हर साल संक्रामक रोगों से जान जाती है। स्वास्थ्य विभाग संक्रामक रोगों से निपटने के लिए पहले से तैयारी भी करता है। इसके बावजूद चूक सामने आती है। ललबुझिया गांव से पहले संक्रामक रोगों के चालू सीजन में पांच लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोग बुखार पीड़ित हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने किसी के मरीज के खून के सैंपल की जांच कराना जरूरी नहीं समझा। गौर करने वाली बात यह है कि सरकार ने पहले से ही डेंगू, चिकनगुनिया और स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट कर रखा है। जिले में बुखार से सिलसिलेवार मौतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के पास अब तक मौतों की वजह स्पष्ट नहीं है। ललबुझिया गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के बाद महकमे ने जिले से आठ लोगों के सैंपल डेंगू और चिकनगुनिया की जांच के लिए भेजे हैं। चार मौतों के बाद ललबुझिया गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेरा डाल दिया है।