पायलट प्रोजेक्ट में पहला सौर ऊर्जाकृत सरकारी नलकूप चालू
जिले में पहला सौर ऊर्जाकृत सरकारी नलकूप म्याऊं ब्लाक के असधर मई गांव में शुरू कर दिया है। इसके साथ ही 250 सौर ऊर्जा से नलकूपों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। जिले में पहले चरण में 125 नलकूपों को वैकल्पिक ऊर्जाकृत किया जाएगा। दूसरे चरण में पूरे 250 नलकूप सौर ऊर्जा से संचालित होंगे। खास बात यह है कि इन नलकूपों से बिजली कनेक्शन नहीं हटेगा। बिजली से भी इन्हें संचालित रखा जाएगा।
जिले में सिंचाई का सबसे बड़ा साधन नलकूप हैं। 1201 नलकूप सरकारी हैं। बिजली कम मिल पाने के कारण नलकूपों से सिंचाई नहीं हो पा रही है। बिजली की समस्या और नलकूपों पर अत्याधिक बिजली बिल होने के कारण समस्या पैदा हो रही थी। शासन ने प्रदेश में 6076 और बदायूं में 250 नलकूपों को बिजली के अलावा सौर ऊर्जा से भी चलाने का फैसला लिया है। इससे किसानों की सिंचाई को यह नई योजना वरदान साबित होगी। इस योजना के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शासन ने सात जिले चुने थे। उनमें बदायूं शामिल है। ब्लाक म्याऊं के गांव असधरमई में सौर ऊर्जाकृत पहला सरकारी नलकूप चालू हो गया है। इससे किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
बिजली बिल और लागत के
हिसाब से योजना फायदेमंद
सौर ऊर्जाकृत बनाने के लिए प्रतिनलकूप 15 लाख रुपये की लागत आ रही है। एक साल में नलकूप का बिजली 3.90 लाख रुपये आता है। इस हिसाब से चार साल के बिजली बिल की कीमत में नलकूप सौरऊर्जाकृत हो रहा है। जो काफी समय तक चलेगा। दिन में सौर ऊर्जा से तो रात में बिजली से नलकूप चलेगा तो सिंचाईं की समस्या नहीं रहेगी। किसानों को दबंग चाबी मैनों से भी राहत मिलेगी।
पैनल चोरी रोकने को लगेंगे सीसी टीवी कैमरे
अबतक नलकूपों से सौर ऊर्जा के पैनल चोरी की संभावना अधिक हैं। उझानी क्षेत्र में गुजरात की एक कंपनी ने प्रयोग बतौर प्रयोग के सरकारी नलकूप को अपनी और से सौरऊर्जीकृत किया था लेकिन तमाम पहरों के बाद भी यहां से कई पैनल चोरी हो गए। इस बार जहां सीसी टीवी कैमरे भी लगेंगे और तारकशी में करंट भी दौड़ाया जाएगा।
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सौर ऊर्जाकृत होने पर नलकूप की स्थिति
0 प्रति घंटा शुरू में 18 हजार बौर बाद में 21 हजार गेलन देगा पानी
0 250 वाट के 63 पैनल लगेंगे प्रत्येक नलकूप पर
0 15 हॉर्स पॉवर का लगाया जा रहा है पंपसेट
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बदायूं में सिचाई का चूंकि सबसे बड़ा साधन नलकूप ही हैं इसलिए 250 सरकारी नलकूपों को सौरऊर्जीकृत किया जाना वरदान साबित होगा। पहला प्रयोग बतौर असधरमई का नलकूप चालू कर दिया गया है। इससे किसानों में खुशी है। किसानों की खुशी में हमारी खुशी है।
- गिरीश कुमार, एक्सईएन नलकूप खंड प्रथम