गंगा के खेड़ा घाट पर स्नान करते वक्त रविवार सुबह डूबे ईश्वरेंद्र्र का शव दूसरे दिन जल में उतराता मिल गया। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बाद में घरवाले शव अपने साथ ले गए।
मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव नरसेना निवासी सोहनपाल का 16 वर्षीय पुत्र ईश्वरेंद्र रविवार सुबह में घरवालों के साथ खेड़ा पर स्नान करने को पहुंचा था। नहाते वक्त वह गहरे पानी में चला गया। घरवालों ने प्राइवेट गोताखोरों को भी तलाश में लगाया, लेकिन देर रात तक सफलता नहीं मिली। घरवालों ने घाट पर ही पूरी रात रोते-बिलखते गुजार दी। सोमवार सुबह में गंगा में ईश्वरेंद्र का शव उतराते नजर आया तो घरवाले चीख पड़े। ग्रामीणों ने मशक्कत कर ईश्वरेंद्र का शव बाहर निकाल लिया।
सूचना के बाद कछला चौकी इंचार्ज मानपाल सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मृतक के पिता समेत घरवालों को शव का पोस्टमार्टम कराने की भी सलाह दी लेकिन उन्होंने कार्रवाई से इंकार कर पोस्टमार्टम नहीं कराया। शव को लेकर घरवाले गांव नरसेना चले गए। उधर, ईश्वरेंद्र का शव जब उसके गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। देर शाम उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
रौनक के घरवालों की आईजी से गुहार
उझानी। सोमवती अमावस्या पर कछला गंगाघाट से गुम राजस्थान में धौलपुर की ऑफीसर कॉलोनी निवासी गिरीश कुमार शर्मा की छह साल की बेटी रौनक का अभी तक सुराग नहीं लग पाया है। रौनक के पिता ने फोन पर बताया कि दो दिन पहले वह आईजी आगरा के समक्ष पेश हुआ। आरोप है कि बदायूं और कासगंज पुलिस उसकी बेटी की खोजबीन में मदद नहीं कर रही है। गिरीश समेत रौनक के घरवाले सोमवती अमावस्या के बाद से कई बार कछला आकर खोजबीन कर चुके हैं लेकिन अभी तक उसका सुराग नहीं लग पाया है।