बुलावे पर पहुंचे थे हसौरा गांव के फरियादी
प्रधान और सचिव की शिकायत का होना था निस्तारण
म्याऊं ब्लाक की ग्राम पंचायत दुबरी हसौरा से सुबह आठ बजे ट्रैक्टर से चलकर विकास भवन पहुंचे करीब 30 शिकायतकर्ताओं को साढ़े सात घंटे इंतजार करने के बाद निराशा हाथ लगी। लंबे इंतजार के बाद शिकायतकर्ताओं की मुलाकात तो सीडीओ से हुई, लेकिन उन्होंने सितंबर माह में आने के लिए कहकर लौटा कर दिया।
म्याऊं ब्लाक के गांव दुबरी हसौरा के ग्रामीणों ने प्रधान और सचिव के खिलाफ शौचालय निर्माण में घपलेबाजी करने की शिकायत की थी। सीडीओ ने वहां के सचिव और ग्रामीणों को मंगलवार को बुलाया था। इस वजह से शिकायतकर्ता ग्रामीण मंगलवार को सुबह सवा दस बजे के करीब विकास भवन में पहुंच गए थे। वहां पर उन लोगों को सीडीओ का इंतजार करने के लिए कहा गया। दूर से आए ग्रामीण सीडीओ के इंतजार में शाम साढ़े पांच बजे तक बैठे रहे। सीडीओ ने निरीक्षण से वापस आकर उन लोगों से मामले की जानकारी ली, लेकिन उन लोगों को सात दिन बाद आने के लिए कहा। इससे निराश होकर ग्रामीण बैरंग लौट गए। इस मौके पर नरवीर सिंह, रमेश यादव, सुनील यादव, रामकिशन, वीरपाल, रामवीर, फूल सिंह, मुन्नालाल, दुर्वेश, गरजेश, घनश्याम, झनकार, हरीशंकर, परवीन, सत्यभान, महेश, सेवाराम, रेशराम, प्रेमपाल, सत्यपाल, राजबहादुर आदि मौजूद रहे।
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लोहिया समग्र ग्रामों के निरीक्षण के बाद शाम को ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। मामला पेशबंदी का नजर आने और डिस्ट्रिक्ट जज की बैठक में जाने की वजह से इन लोगों को सात दिन बाद बुलाया है। समस्या का गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण किया जाएगा।
-प्रताप सिंह भदौरिया, सीडीओ