मरने वालों में दो छात्राएं, एक रसोइया शामिल
गांव में 50 से ज्यादा लोग संक्रामक बुखार की चपेट में
जिले के कई ब्लाकों में संक्रामक बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। जगत ब्लाक के गांव बरसुनिया में चौबीस घंटे के भीतर दो छात्राओं और प्राथमिक विद्यालय की एक रसोइया समेत तीन लोगों की बुखार से मौत हो गई। गांव में 50 से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में हेल्थ कैंप लगाकर मरीजों का चिकित्सा परीक्षण कर दवाएं दीं। 20 लोगों की स्लाइड भी बनाई है। इनको लैब भेजा गया है।
जगत और कादरचौक ब्लाक में एक महीने पहले संक्रामक बुखार ने दस्तक दी थी। कादरचौक ब्लाक के गांव बेहटा डंबर नगर, मोहम्मद गंज, बादुल्लागंज में अब तक 15 लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। ककराला और अलापुर में भी दो-दो लाख बुखार से दम तोड़ चुके हैं। जगत ब्लाक के भी कई गांवों में आधा दर्जन लोग बुखार से दम तोड़ चुके हैं। पिछले चौबीस घंटे में बरसुनिया गांव के प्राथमिक विद्यालय की रसोइया उर्मिला पत्नी राजेंद्र समेत गांव के महेश की पुत्री सलोनी और पप्पू की बेटी पुष्पा ने भी बुखार के चलते दम तोड़ दिया। इन तीनों को भी कई दिन से बुखार आ रहा था।
मंगलवार को गांव में संक्रामक बुखार की खबर भी स्वास्थ्य विभाग और संक्रामक रोग नियंत्रण सेल की टीम गांव पहुंची। टीम ने यहां 137 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर इनको दवाओं का वितरण किया गया। 10 लोगों की स्लाइड बनाई गई है। संक्रामक बुखार को लेकर गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर काबू पाने में सफल नहीं हो पा रहा।
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जहां से भी सूचना मिलती है वहां पर तत्काल टीम को भेजा जा रहा है। मैं खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हूं। स्थिति पूरी तरह से काबू में है। जरूरी यह भी है कि गांव के लोग साफ-सफाई पर ध्यान दें। अब तक देखा गया है कि जिन गांवों में ज्यादा गंदगी है, संक्रामक रोग वहीं फैले हैं।-डॉ. सुनील कुमार, सीएमओ