खुरपका और मुंहपका की चपेट में एक सप्ताह में आधा दर्जन से अधिक पशु आ चुके हैं, जिससे पशुओं की जान पर बन आई है और पशु विभाग बेखबर बना हुआ है। इससे पशुपालक परेशान है
पशु चिकित्सालय दहगवां के कर्मचारियों द्वारा पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग के टीके पिछले माह लगाए गए थे, फिर भी गांव में आधा दर्जन से अधिक पशुओं को इस बीमारी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। यह रोग गांव में तेजी से फैल रहा है। पशुपालक सत्यपाल सिंह का आरोप है कि उन्होंने पशु अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी को इस बीमारी के संबंध में बताया, लेकिन डॉक्टर ने निजी दुकान से दवा लेने की बात कहकर फोन काट दिया।