पहले से बीएसए द्वारा मिड डे मील का निर्धारण किया गया था। छात्राओं को भोजन में दाल, रोटी या चावल और दाल मिला करते थे। लखनऊ से आई कस्तूरबा विशेषज्ञों की टीम ने पिछले दिनों जिले के कई बॉ विद्यालयों में अनियमिताएं पाईं गईं थीं। जिसकी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा सचिव को सौंपी गई थी। गुरुवार को ऐडी बेसिक शशि शर्मा के साथ कस्तूरबा विशेषज्ञ सरिता कुमार ने सहसवान ब्लाक के बॉ विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान नए मीनू के बारे में जानकारी दी लेकिन अब नए मीनू के हिसाब से छात्राओं को नाश्ता और भोजन कराना वार्डनों का सिर दर्द बन चुका है।
नए मीनू के हिसाब से छात्राओं को रोज भोजन, नाश्ता बजट से कहीं ऊपर है। कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राओं के नाश्ते और भोजन के लिए एक छात्रा को केवल16 रुपये निर्धारित किए हैं। जो नए मीनू के हिसाब से कम है।
वार्डनों ने नए मीनू के हिसाब से कम बजट होने की बात की तो बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने वित्त एवं लेखाधिकारी पर जिम्मेदारी छोड़ टाल दिया। वार्डन जब डबल एओ के पास अपनी समस्या को लेकर पहुंची तो उन्होंने भी आदेश हवाला देते हुए पालन करने के निर्देश दे दिए। वार्डन नए मीनू के अनुसार छात्राओं को नाश्ता और भोजन ठीक से करा पाएंगी ये भविष्य की बात है।
इधर जिला मिड डे मील समन्वयक हिना खान ने शनिवार को इस्लामनगर ब्लाक में निरीक्षण में भूताया विद्यालय बंद मिला। प्राथमिक विद्यालय लाभारी में मिड डे मील में खुले तेल मसालों का प्रयोग हो रहा था। प्राथमिक विद्यालय खुर्दीनगला में बिलंब से मिड डे मील बनाया जा रहा था। स्कूल में बच्चों की संख्या कम थी।