तहसील क्षेत्र के ब्लॉक उसावां में परिषदीय स्कूलों में अनियमितताओं का बोलबाला है। इतना ही नहीं साठगांठ के चलते क्विंटलों खाद्यान्न का भी बंदरबांट करने का आरोप है। जिसकी शिकायत क्षेत्र पंचायत उसावां की प्रमुख प्रेमवती ने जिला से लेकर मंडल अधिकारियों तक की। इसमें जांच भी हुई, लेकिन अढ़ाई कोस चलकर वह भी ठंडे बस्ते में डाल दी गई। कार्रवाई में ढिलाई बरते जाने को लेकर ब्लॉक प्रमुख ने इसकी शिकायत सचिव को पत्र लिखकर की है।
पत्र के अनुसार ब्लॉक उसावां की ग्राम पंचायत उघौल में ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक से मिलीभगत के चलते बच्चों को खिलाने के लिए आने वाला एमडीएम का खाद्यान्न बेच दिया गया। आरोप है कि ग्राम पंचायत मौजमपुर, खेडाजलापुरखाम, बरैनिया, अस्मयारफतपुर, भंद्रा, उदैयानगला, उघौली में स्कूलों को काफी ज्यादा में खाद्यान्न दिया गया और बाद में इसका बंदरबांट कर दिया गया। जिसकी शिकायत शिक्षाधिकारियों से भी की गई। बताया कि इस खेल में तमाम शिक्षक भी शामिल हैं। उन पर मेहरबानी बरतते हुए कुछ शिक्षकों को 11 व सात तथा पांच विद्यालयों के चार्ज भी दे रखे हैं। जबकि उघौली में पांच प्राइमरी, दो जूनियर स्कूलों में खंड शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षरों से संचालित किया जा रहा है। इतना ही नहीं महीनादारी बंधी होने के कारण तमाम शिक्षक पढ़ाने के लिए स्कूल तक नहीं पहुंचते हैं। शिकायती पत्र में यह भी बताया गया कि इसकी शिकायत एडी बेसिक तक की गई। जहां से जांच की कार्रवाई भी बढ़ाई गई, लेकिन बाद में वह भी ठंडे बस्ते में डाल दी गई। उन्होंने सचिव से इसमें गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।