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फूड प्वॉइजनिंग मामला: वापस हुई स्वास्थ्य विभाग की टीम, घर पहुंचे मरीज

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बदायूं/ उघैती। ग्राम दियोरी अमृत में फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए लोगों की हालत अब सुधरने लगी है। जिन लोगों का जिला अस्पताल और सरकारी स्कूल में इलाज चल रहा था। उन सभी को घर भेज दिया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के प्राथमिक विद्यालय में बनाया अस्थाई अस्पताल खत्म कर कैंप नाधा स्वास्थ्य केंद्र पर लगा दिया है। बचेखुचे मरीजों को अब नाधा स्वास्थ्य केंद्र पर ही देखा जाएगा। इमरजेंसी के लिए गांव में एक एंबुलेंस लगा दी गई है।
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ग्राम दियोरी अमृत निवासी हाकिम सिंह ने शनिवार को अपने घर कथा के बाद दावत का आयोजन किया था, जिसमें आसपास के करीब आधा दर्जन गांव के हजारों लोग शामिल हुए थे। दावत खाने के बाद लोगों की हालत बिगड़नी शुरू हो गई थी। उन्हें उल्टी दस्त, सिर में दर्द और जी मिचलाने की शिकायत हुई। सोमवार रात तक फूड प्वाइजनिंग के शिकार लोगों की संख्या छह- सात सौ तक पहुंच गई थी। इससे स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव के सरकारी स्कूल को अस्थाई अस्पताल बनाना पड़ा। तो वहीं डेढ़ दर्जन लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया था। उसी समय से स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कैंप किए हुए थी। गुरुवार शाम तक जिला अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की छुट्टी कर दी गई। वहीं अस्थाई अस्पताल यानी सरकारी स्कूल भी खाली हो चुका है। सभी मरीज अपने-अपने घर लौट गए हैं। गुरुवार को कोई नया मरीज टीम के सामने नहीं आया। इससे टीम ने भी अपना कैंप खत्म कर दिया है। जब तक गांव के लोगों की हालत पूर्णतया सही नहीं हो जाती। तब तक टीम नाधा के स्वास्थ्य केंद्र पर रहेगी। बाकी गांव में एक एंबुलेंस चौबीस घंटे उपलब्ध रहेगी। किसी की हालत बिगड़ती है तो उसे स्थानीय टीम देखेगी या फिर उसे अस्पताल भेज दिया जाएगा।
गांव में कोई नया मरीज सामने नहीं आया है। जिनका सरकारी स्कूल और जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था। सभी अपने घर पहुंच चुके हैं। फिलहाल टीम नाधा पर रहेगी और वहीं से देखरेख करेगी।
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डॉ. यशपाल सिंह, सीएमओ
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