उसहैत गंगा का जल स्तर कम होने पर अपने फाट में बह रही गंगा। संवाद
उसहैत। गंगा नदी का जलस्तर लगातार घट-बढ़ रहा है। इससे गंगा किनारे के ग्रामीण डरे हुए हैं। उन्हें पहाड़ों पर हो रही बारिश की वजह से नरौरा डैम से पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ के हालात बनने की आशंका सता रही है। बाढ़ खंड के अधिकारी भी ऊपरी डैम से छोड़े जाने वाले पानी पर निगाह रखे हैं।
बुधवार से लगातार बढ़ रहा जलस्तर शुक्रवार को कुछ कम हुआ, जिसके चलते नगर के 35 गांवों के लोगों ने कुछ राहत महसूस जरूरी की, लेकिन बाढ़ का खतरा अभी बरकरार है। ग्राम जटा में मुख्य सड़क से गांव जाने वाले संपर्क मार्ग पर तीन फुट तक पानी आ गया था। प्रशासन ने तीन मोटर बोट की तैनाती कर ग्रामीणों को हिम्मत दी।
ग्रामीणों को गांव से आने-जाने के लिए ट्रैक्टर और मोटर बोट का सहारा लेना पड़ा। अब जलस्तर कम होने से संपर्क मार्ग की पुलिया से पानी उतर गया है। ग्रामीण पैदल भी गांव आ-जा रहे हैं। राजस्व विभाग की टीम भी लगातार इलाके का दौरा कर रही है। ग्रामीणों को लगातार सुरक्षा के लिए निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं।
उधर, कदम नगला गांव में पानी का जलस्तर कम होने से कुछ जगहों पर कटान हो रहा है। शुक्रवार सुबह कछला पुल पर लगे मीटर गेज पर जलस्तर 162.18 था, जो खतरे से 24 सेमी नीचे है।
गंगा का जलस्तर बढ़ा चल रहा है। आने वाले दिनों में और भी बढ़ने की आशंका है। रात्रि गश्त सक्रिय कर दी गई है। स्थानीय लोगों को नदी से दूर रहने के लिए कहा जा रहा है। - उमेश चंद्रा एक्सईएन, बाढ़ खंड