बदायूं जिले में गंगा सहित अन्य नदियां उफान पर हैं, जिससे कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। गंगा का जलस्तर उसहैत इलाके में खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। वहीं, दातागंज तहसील क्षेत्र में रामगंगा और अरिल नदी का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों गांवों के लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
उसहैत इलाके के कदमनगला, जटा, ठाकुरी नगला, प्रेमीनगला, बेहटी, असमय रफतपुर और अहमद नगर बछौरा गांवों के खेतों में पानी घुस गया है। यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो एक-दो दिन में इन गांवों की बस्तियों में भी पानी पहुंच सकता है। कदमनगला के ग्रामीण सबसे अधिक भयभीत हैं। यह गांव आधे से ज्यादा खाली हो चुका है।
कटान के कारण सैकड़ों बीघा जमीन नदी में समा गई है। जटा और प्रेमीनगला को जाने वाले मार्ग पर पानी आने से आवागमन प्रभावित है। दातागंज इलाके में अरिल नदी पर हर्रे नगला और गड़िया के बीच बने रपटा पुल पर तीन से चार फुट पानी है। इससे पैदल, दोपहिया वाहन और कारों का आवागमन बंद हो गया है। लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों और नावों से आवागमन कर रहे हैं।
खेतों में भरा पानी, चल रही नाव
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इस मार्ग पर आवागमन बाधित
दातागंज से शाहजहांपुर को जाने वाले नगरिया खनू लालपुर खादर-गड़िया रंगीन मार्ग पर रामगंगा नदी का पानी आ गया है। यहां रपटा पुल से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। रामगंगा के हजरतपुर से लालपुर खादर गड़िया रंगीन जाने वाले मार्ग पर बने रपटा पुल पर भी पानी है। भेड़ा मार्ग पर भी पानी होने की जानकारी मिली है। रामगंगा ने हररामपुर में अधिक दिक्कतें पैदा की हैं।
रपटा पुल पर पानी
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हजारों लोग परेशान
रपटा पुलों पर पानी आने से आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। इससे हजारों लोग परेशान हैं। अरिल नदी रपटा पुल से करीब दो किलोमीटर आगे रम्पुरा गांव के पास रामगंगा नदी में मिल जाती है। यह स्थिति स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।