बदायूं। गैंगस्टर एक्ट के 20 साल पुराने मामले में स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट उदयभान सिंह ने नामजद एक व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुजरिम पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
थाना इस्लामनगर के तत्कालीन एसओ बीके द्विवेदी ने 11 जनवरी 2002 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक बरेली जिले के थाना आंवला के ग्राम बझेड़ा निवासी मुकेश पुत्र रामभरोसे और वीरपाल का एक संगठित गिरोह था। वे अपने गिरोह में बदलकर शातिर अपराधियों के साथ संगठित अपराध करते थे। मुकेश के गिरोह का आम जनता में इतना आतंक था कि कोई भी व्यक्ति गिरोह के सदस्यों के खिलाफ गवाही देने को तैयार नहीं होता था। पुलिस ने मुकेश और वीरपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दोनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। वीरपाल पूर्व में दोषी करार दिया जा चुका है।
स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट उदयभान सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने विशेष लोक अभियोजक दिलीप गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने आरोपी मुकेश को मुजरिम ठहराते हुए पांच साल की सजा सुनाई है, साथ ही मुकेश पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।