बदायूं। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की कोर्ट ने आठ साल पहले घर में घुसकर हुए जानलेवा हमले के मामले में पिता-पुत्र समेत पांच आरोपियों को दोषी पाते हुए चार-चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर साढ़े दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव कारौलिया निवासी कृष्ण गोपाल ने 2017 में थाने पर एक मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि वह होली के दिन अपने मकान पर बैठे हुए थे। इसी बीच शाम के समय गांव के ही सत्यपाल, रामरहीस पुत्र सीताराम, आर्येंद्र पुत्र सत्यपाल, अवनीश पुत्र रामरहीस और वेदांत घर में घुस आए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर उन पर हमला कर दिया।
जब वह अपनी जान बचाने के लिए घर में घुसे तो आरोपियों ने पीछे से उन पर फरसा, लाठी, तमंचा की बट से प्रहार कर घायल कर दिया। बीच बचाव में कई अन्य भी घायल हो गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्जकर विवेचना शुरू की। सभी साक्ष्यों को संकलित कर आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
शुक्रवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर एवं दलील सुनने के बाद सत्यपाल, आर्येंद्र, रामरहीस, अवनीश और वेदांत को चार-चार साल की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना भी लगाया।
पिता-पुत्र समेत चार पर घर में घुसकर लूटपाट और तोड़फोड़ करने की रिपोर्ट
- अदालत के आदेश पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। अदालत के आदेश पर उघैती थाने में पिता-पुत्र समेत चार लोगों के खिलाफ महिला के घर में घुसकर तोड़फोड़, लूटपाट और जान से मारने की धमकी समेत अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।
उघैती थाना क्षेत्र के गांव खितौरा भगवंत निवासी शकुंतला पत्नी छत्रपाल ने अदालत में प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि गांव के हिमांशु ठाकुर की उनके बेटे से कई दिन पूर्व कहासुनी हो गई थी, जिसकी गांव के संभ्रांत लोगों ने फैसला करा दिया था। बावजूद इसके दूसरा पक्ष उनके परिवार से रंजिश मानता रहा।
12 नवंबर 2024 की रात साढ़े आठ बजे वह घर पर थीं। इसी बीच रौताश, हिमांशु व दो अज्ञात लोग उनके घर में लाठी-डंडे लेकर घुस आए। कहा- उस दिन तो तेरा बेटा बच गया, लेकिन अब उसे जान से मार देंगे। विरोध करने पर हमलावरों ने उनके साथ मारपीट की। घर में रखे सामान में तोड़फोड़ की। बटुए में रखे 1200 रुपये लूट लिए। शोर मचाने पर मोहल्ले के लोग आ गए, जिन्होंने उन्हें बचाया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रौताश ठाकुर व उसके बेटे हिमांशु ठाकुर समेत दो अज्ञात के खिलाफ लूट, मारपीट, घर में तोड़फोड़ आदि धारा में मुकदमा दर्ज किया है।