कोई दुकानदार बोलने को तैयार नहीं
इस हादसे के बाद पूरे कबाड़ बाजार ने चुप्पी साध ली है। यहां तकरीबन 20 से अधिक दुकानें हैं लेकिन एक भी दुकानदार हादसे की वजह बताने को राजी नहीं है। वहीं झुलसे हुए लोग भी केवल प्लास्टिक के सामान में आग लगने की बात कह रहे हैं। अनुमान शॉर्ट सर्किट से आग लगने का ही है। मामले की जानकारी पर पुलिस भी जिला अस्पताल पहुंची और घायलों का बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कबाड़ खरीदने व जमा करने का नहीं लाइसेंस
राशिद ने अपने घर के अंदर व बाहर ही कबाड़खाने की दुकान व गोदाम बना रखा था। यहां से हर चार से पांच दिन बाद गाड़ी में लादकर कबाड़ बाहर भी जाता रहा है। कबाड़ का काम करने को लाइसेंस लेना होता है। लेकिन राशिद ने लाइसेंस लेना उचित ही नहीं समझा। यही वजह है कि हादसे के बारे में कोई बताने को राजी नहीं है।
सदर कोतवाली के इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिली तो पुलिस को मौके पर भेजा गया लेकिन वहां कोई नहीं मिला। लोगों ने बताया कि घायल जिला अस्पताल में हैं। झुलसे हुए लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।