बदायूं के उझानी कूढ़ा नर्सिंगपुर स्थित मेंथा फैक्टरी में देर रात लगी आग दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी धधकती रही। दमकलकर्मी रात से लेकर सुबह तक आग को बुझाने का काम चलता रहा, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इधर, फैक्टरी के पास के खाली कराए गए गांव में सुबह से ही लोग पहुंचने लगे हैं।
कूढ़ा नर्सिंगपुर की मेंथा फैक्टरी में अचानक आग लग गई थी। इसके एक के बाद एक ड्रम फटना शुरू हो गए थे। आग की चपटे आधा किमी दूर से दिखाई दे रही थी। देर रात से ही आधा दर्जन से ज्यादा दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाने के लिए प्रयास करते रहे। वहीं, देर रात ही बरेली से ही फाग वाली दमकल की गाड़ी बुलाई गई है। बृहस्पतिवार सुबह दमकल की गाड़ियां आग पर काबू पाने का प्रयास करती रहीं।
आग का प्रकोप हुआ कम तो खोला गया हाईवे
बदायूं-दिल्ली हाईवे किनारे स्थित मेंथा फैक्टरी में आग लगने की वजह से देर रात हाईवे में करीब तीन बजे तक हाईवे में गाड़ियां का आवागमन बंद रखा गया। इसके बाद जब ब्लास्ट होना बंद हो गए तो जाम को खोल दिया गया।
दाएं पैर में चढ़ा प्लास्टर, बाएं पैर में आई सूजन
खुद को बचाने के लिए हरियाणा करनाल निवासी ट्रक चालक शकील ने फैक्टरी की दीवार से छलांग लगा दी। जमीन पर गिरने के बाद उसका पैर टूट गया। वह किसी तरह दिल्ली-बदायूं हाईवे पर पहुंचा। इसके बाद लोगों की मदद से मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुआ।
पुलिस ने एहतियातन खाली कराया था गांव
पुलिस ने कूढ़ा नर्सिंगपुर गांव को एहतियातन खाली करा लिया था। पुलिस के मुताबिक फैक्टरी के अंदर अमोनिया गैस के सिलिंडरों का भंडारण किया गया है। जहरीली गैस के रिसाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने गांव को खाली कराया। अभी गांव की आबादी तकरीबन 900 है। ये लोग उझानी, संजरपुर, हजरतगंज चले गए थे। इन्हें बारातघर, ग्राम सचिवालय और धर्मशाला और मंदिर में ठहराया गया था। बृहस्पतिवार दोपहर तक सभी लोग अपने घर वापस आ गए।