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Budaun News: अलापुर नगर पंचायत की अध्यक्ष, उनके पति और लिपिक पर रिपोर्ट दर्ज, ई-निविदा में किया फर्जीवाड़ा

Thu, 25 Dec 2025 06:08 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं की अलापुर नगर पंचायत में ई-निविदा में फर्जीवाड़ा किया गया। इस पर ईओ ने नगर पंचायत अध्यक्ष, उनके पति और लिपिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं की नगर पंचायत अलापुर में विकास कार्यों से जुड़ी ई-निविदा प्रक्रिया में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। फर्जी दस्तावेज और कूटरचित हस्ताक्षरों के जरिए टेंडर आमंत्रित किए जाने के आरोप में नगर पंचायत की अध्यक्ष हुमा बी, उनके पति फहीमउद्दीन तथा लिपिक गार्गी गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हुई है। अधिशासी अधिकारी त्रिवेंद्र कुमार की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

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ईओ त्रिवेंद्र कुमार के अनुसार नगर पंचायत अलापुर में 14वें और 15वें वित्त आयोग की धनराशि से कराए जाने वाले विकास कार्यों के लिए ई-निविदा आमंत्रित की जानी थी। आरोप है कि चार दिसंबर को संबंधित निविदाओं को 15 दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच आमंत्रित करने के लिए अध्यक्ष, उनके पति और लिपिक ने आपसी मिलीभगत से नियमों को ताक पर रख दिया। इस दौरान कंप्यूटर के माध्यम से दस्तावेजों को स्कैन कर फर्जी हस्ताक्षर किए गए और कूटरचित कागजात तैयार कर ई-निविदा प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया गया।

बताया गया कि बिना सक्षम अनुमति और वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए निविदाओं की तिथियां तय कर दी गईं और उन्हें ऑनलाइन आमंत्रित कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम से न सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया प्रभावित हुई, बल्कि विकास कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हुई। मामले की जानकारी होने पर अधिशासी अधिकारी ने इसे गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता मानते हुए थाना में तहरीर दी।
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पुलिस ने शुरू की जांच 
पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले में विवेचना शुरू कर दी गई है। ई-निविदा से जुड़े सभी दस्तावेज, कंप्यूटर रिकॉर्ड और संबंधित फाइलों की जांच की जा रही है। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह नगर पंचायत में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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