बदायूं। एचपीसीएल के दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप के ताऊ राकेश सिंह ने सरकारी भूमि पर खूब कब्जे किए थे। दो तालाबों और बंजर भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप पुष्ट होने के बाद तहसीलदार कोर्ट ने राकेश सिंह और उनके भाई राजेश सिंह पर कुल 80.97 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। दातागंज तहसील के तत्कालीन तहसीलदार विजय कुमार शुक्ला ने यह कार्रवाई 23 मई को की थी, लेकिन आदेश अब तक फाइलों में दबे रहे।
तहसीलदार कोर्ट ने तीन कब्जों के मामलों में अलग-अलग आदेश जारी किए थे। इसमें एक आदेश में कहा था कि गांव सैंजनी में बंजर भूमि 0.759 हेक्टेयर भूमि में से 434 वर्ग मीटर पर राकेश सिंह पुत्र श्याम बहादुर सिंह ने अवैध रूप से कब्जा किया था। इस पर राकेश सिंह पर 45,57,000 रुपये जुर्माना और एक हजार रुपये निष्पादन शुल्क आरोपित किया था।
इसी गांव में सरकारी तालाब की 1.644 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा करने के आरोप में राकेश सिंह और उसके भाई राजेश सिंह पर 29,59,200 रुपये का जुर्माना लगाया और एक हजार रुपये निष्पादन शुल्क लगाया गया था।
वहीं दूसरे तालाब की 0.228 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा करने के आरोप में राकेश सिंह पर 5,81,400 रुपये का जुर्माना लगाया था। इन मामलों में तहसीलदार कोर्ट ने आरोपियों को भूमि से बेदखली का भी आदेश दिया था।
सरकारी भूमि पर कब्जा करने के आरोप में आरोपियों पर कुल 80,97,600 रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसका रिकवरी की कार्रवाई अब शुरू कर दी गई है। भूमि अब प्रशासन के कब्जे में है। -जितेंद्र कुमार, कार्यवाहक तहसीलदार, दातागंज
-एचपीसीएल दोहरा हत्याकांड
मुख्य आरोपी अजय के ताऊ की 27 दुकानें आदेश के बावजूद नहीं ढहाने पर उठे सवाल
- दुकानें ढहाने 18 जून को सरकारी अमला बुलडोजर लेकर पहुंचा था मगर फोर्स की कमी बताकर नहीं हुई कार्रवाई
- 21 दिन गुजरने के बाद भी करवाई नहीं, एसडीएम ने जल्द कार्रवाई की बात कही
संवाद न्यूज एजेंसी
दातागंज। एचपीसीएल के दो वरिष्ठ अधिकारियों की गोली मारकर हत्या करने के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ की ग्राम समाज की भूमि पर अवैध रूप से बनीं 27 दुकानों को ढहाने की कार्रवाई न होने पर प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसा तब है जबकि दुकानों को ढहाने के आदेश हो चुके हैं। 18 जून को दुकानें ढहाने के लिए प्रशासनिक अमला दो बुलडोजर लेकर पहुंचा भी था, लेकिन फोर्स की कमी बताकर कार्रवाई नहीं की गई। 21 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच तहसीलदार विजय कुमार शुक्ला का भी तबादला हो गया, अभी तहसीलदार की नियुक्ति नहीं हुई है।
12 मार्च को एचपीसीएल के उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड का मुख्य आरोपी सैंजनी गांव निवासी अजय प्रताप पुत्र राजेश प्रताप को पुलिस ने उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था। अजय के तहेरे भाई अभय प्रताप उर्फ कल्लू को हत्याकांड में षड्यंत्र रचने के आरोप में पुलिस ने आरोपी बनाया था। इन दोनों आरोपियों पर रासुका भी लग चुका है।
प्रशासन ने अजय प्रताप की 6 और अभय प्रताप की पांच दुकानें और एक भवन ढहा दिया था। प्रशासन ने आरोपियों के कब्जे से तालाब और ग्राम पंचायत की भूमि में लगने वाली साप्ताहिक बाजार को भी कब्जा मुक्त कराया था। प्रशासन ने ग्राम समाज की भूमि पर बनी अभय प्रताप सिंह के पिता राकेश सिंह की 27 दुकानों को खाली कराया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने इन दुकानों को ढहाने का निर्णय लिया था।
इसी क्रम में 18 जून को प्रशासनिक अमला दुकानों को ढहाने के लिए बुलडोजर लेकर पहुंच गया, लेकिन फोर्स कम होने की बात कह कार्रवाई टाल दी गई। उस समय प्रशासन ने बताया था कि जल्द ही इन दुकानों को गिराने की कार्रवाई होगी। अब 21 दिन गुजरने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई है। इसको लेकर प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, दातागंज के एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने बताया कि जल्द कार्रवाई की जाएगी। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है।