बदायूं। गंगा और रामगंगा का उफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। बाढ़ की चपेट में आए 39 गांव के लोग सप्ताह भर से अंधेरे में हैं। बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण रात में मोमबत्ती और लालटेन के सहारे जिंदगी काट रहे हैं।
तहसील सहसवान, दातागंज और सदर क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का पानी खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। निचले इलाकों में पानी भरने से सड़क का संपर्क कट गया है। तहसील दातागंज के कई गांवों में रामगंगा ने तबाही मचा रखी है। खेत डूब चुके हैं और कई पक्के व कच्चे मकानों में कमर तक पानी भर गया है। कई गांवों के लोग घरों की छतों या ऊंचे स्थान पर सामान रखकर दिन गुजार रहे हैं।
उसहैत क्षेत्र के गांव जटा निवासी महबूब अली, बन्ने खां ने बताया कि बाढ़ के पानी में सांप-बिच्छू और अन्य जहरीले जीव भी आने लगे हैं। बिजली न आने से और दिक्कत है। सहसवान के वीरसहाय नगला के प्रेम पाल ने बताया कि बिजली नहीं होने से मोबाइल चार्ज नहीं हो पा रहा है। दूसरे गांवों में जाकर मोबाइल चार्ज कराते हैं। तोफिया नगला के राजा का कहना है कि बिजली न होने से ज्यादा दिक्कत हो रही है। बाढ़ के साथ में क्या बहकर आ रहा है। कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। ऐसे में डर लगा हुआ है।
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इन गांवों में भरा बाढ़ का पानी
- जटा, अहमद नगर बछौरा, बल्ले नगला, बेहटी, ठकुरी नगला, कमले नगला, रैपुरा, कदम नगला, कमलईयापुर, दल नगला, जसवंत नगला, प्रेमी नगला, सिठौलिया खाम, खागीनगला, तोफिया नगला, भमरौलिया, वीरसहाय नगला, खिनरकवारी मानपुर पुख्ता, तेली नगला, गिरधारी नगला, कटकोरा, देवरनियां, नवादा बदन, गढि़या पैगंबरपुर, कटक, बिहारीपुर अजब, कुंडरा मजरा, जलेवी नगला, नगला देवेंद्र सिंह, नगला, सुखपाल सिंह, भेड़ा, लालपुर खादर, शेरपुर, मौजमपुर, पूरन भेड़ा, पट्टी विजा, हर्रामपुर गांव हैं।