तेज बुखार के साथ प्लेटलेट्स में गिरावट की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अहीरटोला मोहल्ले के 50 वर्षीय अशोक सोलंकी को घरवालों ने बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन सुधार होने की बजाय हालत बिगड़ती गई। अशोक की सोवमार तड़के इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। अयोध्यागंज निवासी नासिर के सात वर्षीय बेटे जुनेर को भी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसने भी तड़के दमतोड़ दिया। मृत बालक के पिता ने बताया कि जुनेर को डॉक्टर ने डेंगू की आशंका जताई थी। जुनेर की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
इलाके के गांव अढौली निवासी 62 वर्षीय स्नेहलता शर्मा ने रविवार अपराह्न में अंतिम सांस ली। स्नेहलता का यहां निजी अस्पताल इलाज कराया गया। घरवालों ने बाद में बदायूं जाकर डॉक्टर की शरण भी ली लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके अलावा बीमारों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। निजी चिकित्सकों की सलाह पर साहूकारा निवासी शिवम को उसके घरवाले रैफर कराके तड़के ही बरेली ले गए। साहूकारा, किलाखेड़ा, नझियाई और बाजारकलां के छह-सात मरीजों को भी घरवालों ने बरेली ले जाकर भर्ती कराया है। बता दें कि बुखार की वजह से एक पखवाड़े में छात्र और छात्रा समेत 15 लोगों की मौत हो चुकी है।
चिकित्साधीक्षक बोले, कोई नहीं डेंगू का मरीज
उझानी। निजी क्लीनिकों पर बुखार पीड़ितों के चेकअप के नाम पर प्लेटलेट्स और किट के जरिए डेंगू की जांच कराने को लेकर चिकित्साधीक्षक डॉ. मोहम्मद तहसीन गुस्से में दिखे। बोले, अब तक किसी भी मरीज में डेंगू की पुष्टि न हीं हुई है। वायरल का अटैक है, जो तापमान में गिरावट के साथ समाप्त हो जाएगा। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए वह सीएमओ से बात करेंगे।