बदायूं। एक तरफ बुखार थमने का नाम नहीं ले रहा है और लगातार इसकी चपेट में आकर लोगों की मौतें हो रहीं हैं, तो वहीं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी डॉक्टर आराम से मौज कर रहे हैं। ड्यूटी करना भी जरूरी नहीं समझ रहे हैं। शनिवार को म्याऊं स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर और कर्मचारी गायब मिले। प्रभारी सीएमओ ने सभी का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। इधर दहगवां क्षेत्र में एक युवक की बुखार के कारण मौत हो गई।
दहगवां। दहगवां ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम कोठा में शनिवार सुबह एक युवक की बुखार की चपेट में आने से मौत हो गई। ग्रामवासी मुकेश के बेटे बिन्टू (27) को पिछले दस दिन से बुखार आ रहा था। परिवार वाले स्थानीय डॉक्टरों से उसका इलाज करा रहे थे। उसके बुखार पर कोई असर नहीं पड़ा। तब परिवार वाले बिन्टू को दो दिन पहले दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां शनिवार को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे युवक के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
म्याऊं। प्रभारी सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने शनिवार को अचानक स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान कई कर्मचारी गैरहाजिर मिले। प्रभारी सीएमओ दोपहर करीब डेढ़ बजे स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। उस समय एमओआईसी डॉ. भुवनेश कुमार और ब्रजेश कुमार स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद थे लेकिन डॉ. अमित रस्तोगी, अनीता, पूजा, आरती वार्ड आया आदि कर्मचारी स्वास्थ्य केंद्र में अनुपस्थित पाए गए। इस पर सीएमओ ने डॉ. अमित रस्तोगी समेत सभी कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देेश दिए।
युसुफनगर में निकले 24 मलेरिया के मरीज
मूसाझाग। बिनावर थाना क्षेत्र के ग्राम युसुफनगर में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। टीम ने कैंप लगाकर बुखार पीड़ितों का ब्लड चेक किया। गांव में करीब 141 लोग बुखार से पीड़ित पाए गए। जिनमें 89 लोगों की स्लाइड बनाई और 24 लोगों को मलेरिया निकला। जांच के बाद उन्हें दवा दी गई। वहीं क्लोरीन की एक हजार टेबलेट्स बांटी गईं। गांव की स्थिति बेहद खराब है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ नोडल अधिकारी डॉ. अनिल शर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. केके जौहरी, डॉ. कौशल गुप्ता, डॉ. कमर इकबाल, पंकज शंखधार आदि मौजूद रहे।