समायोजित हुए शिक्षामित्रों के सत्यापन में फर्जीवाड़े का खुलासा होने लगा
है। अभी तक सत्यापन में बोर्ड ने तीन शिक्षामित्रों को फर्जी पाया है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने तीनों को नोटिस जारी कर दिए हैं। साथ ही उनकी सेवाएं
समाप्ति की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अगस्त में नियमित हुए
शिक्षामित्रों को ज्वाइनिंग लेटर तो दे दिया गया लेकिन सत्यापन के बाद ही
वेतन देने के आदेश दिए गए। जिले में नियमित हुए 1119 शिक्षामित्रों में
करीब नौ सौ का सत्यापन हो चुका है। जानकारों की माने तो इसमें
शिक्षामित्रों के फर्जीवाड़े का भी खुलासा हो रहा है। अभी तक आए सत्यापन
में बोर्ड ने तीन शिक्षामित्रों को फर्जी बताया है।
इसमें आसफपुर ब्लॉक
के प्राइमरी स्कूल में तैनात हीरालाल, कटागौंटिया के विवेक प्रताप और
ब्लॉक समरेर में भीरावारी के रामदयाल का नाम है। बताते हैं कि तीनों के
अंकों में फेर पाया गया है। पटल देख रहे बाबू नीलेश सक्सेना ने बताया कि
तीन लोगों के सत्यापन में बोर्ड ने फर्जी बताया है। इसकी रिपोर्ट बीएसए को
सौंप दी है। इनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।