बदायूं। इस्लामनगर थाने में रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुई महिला इंस्पेक्टर सिमरनजीत कौर को बुधवार दोपहर बरेली अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उसके खिलाफ बिनावर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। उसकी विवेचना एंटी करप्शन टीम बरेली को ट्रांसफर कर दी गई। अब वहीं से इसकी विवेचना कराई जाएगी।
महिला इंस्पेक्टर सिमरनजीत कौर इस्लामनगर थाने में अपराध निरीक्षक के पद पर तैनात थी। वह एक दुष्कर्म पीड़िता के खिलाफ दर्ज आईटी एक्ट और रंगदारी मांगने के मामले की विवेचना कर रही थी। पीड़िता उघैती थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उसका आरोप था कि महिला इंस्पेक्टर उसके मामले में एफआर लगाने को एक लाख रुपये वसूल कर चुकी थी। वह 50 हजार रुपये और मांग रही था। वह विधवा महिला है, कमाई का कोई साधन नहीं था। इसके बावजूद इंस्पेक्टर को उस पर तरस नहीं आ रहा था। तब उसने 21 मई को एंटी करप्शन टीम को सूचना दी। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया।
मंगलवार दोपहर तय समय के अनुसार महिला इस्लामनगर थाने पहुंची। उस दौरान महिला इंस्पेक्टर प्रभारी इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह के कक्ष में बैठी थी। वह उसे अपने कक्ष में बुलाकर ले गई। वहां एक सिपाही मौजूद था, जिसे इंस्पेक्टर ने बाहर निकाल दिया था। इसके बाद महिला से 50 हजार रुपये ले लिए। तभी एंटी करप्शन टीम ने उसे पकड़ लिया था। फिर उसे बिनावर थाने ले जाया गया, जहां एफआईआर दर्ज कराने के बाद इंस्पेक्टर को बरेली ले जाया गया।
बुधवार दोपहर उसे बरेली न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एंटी करप्शन टीम के सीओ यशपाल यादव ने बताया कि इंस्पेक्टर को अदालत में पेश किया गया। बाद में उसे कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया है।
ऐसे पकड़ी गई महिला इंस्पेक्टर
- इंस्पेक्टर सुनील कुमार की अगुवाई में आठ सदस्यीय टीम बदायूं पहुंची थी। इसमें एक महिला सिपाही भी शामिल थी। सबसे पहले उन्होंने डीएम मनोज कुमार को सूचना दी। कार्यालय के दो बाबू उनके साथ भेजे गए। एक बाबू को महिला का भाई बनाकर थाने में भेजा गया। बाकी टीम थाने के बाहर मौजूद थी। जैसे ही इंस्पेक्टर महिला को उठाकर अपने कक्ष में ले गई। तभी पूरी टीम अलर्ट हो गई और रुपये देते ही पकड़ लिया।