बदायूं। फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के राजा की सीकरी गांव में बवाल-पथराव के बाद बुधवार को भी तनावपूर्ण माहौल बना रहा। गिरफ्तारी के डर से नामजद ग्रामीण घरों से गायब रहे। गांव की गलियां सूनी नजर आईं। यहां तक की गांव के अंदर की दुकानें भी बंद रहीं। अधिकांश लोग अपने घरों के अंदर ही रहे। गांव में सामान्य दिनों की तरह चहल-पहल और आवाजाही दिखाई नहीं दी। एहतियातन पुलिस और पीएसी के जवान गांव में चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे। हर गतिविधि पर नजर रखी गई।
सरकारी भूमि पर कब्जा करने की नीयत से कुछ ग्रामीणों ने गांव की महिला-पुरुषों को भड़काकर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कराने के नाम पर बवाल कराया। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने प्रतिमा लगाने के लिए ग्रामीणों को निजी भूमि उपलब्ध भी कराई थी। पूर्व प्रधान अपनी भूमि देने को तैयार थे, लेकिन माहौल खराब करने की साजिश रचने वालों ने ऐसी चिंगारी भड़काई कि विवाद मंगलवार की शाम बवाल और पथराव में बदल गया। अब पुलिस की कार्रवाई के डर से खुराफाती गांव छोड़कर भाग गए हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
बुधवार को गांव की गलियों में सन्नाटा रहा। गांव में घरों के दरवाजे बंद रहे। घटनास्थल की कुछ दूरी पर एक पेड़ के नीचे कुछ ग्रामीण बैठकर दूर से ही अधिकारियों के आवागमन को देखते रहे। घटनाक्रम की भी चर्चा करते रहे। गांव की मुख्य सड़क पर पत्थर पड़े दिखाई दिए। एसपी देहात डॉ. हृदेश कठेरिया, एसडीएम प्रियंका और सीओ अंशुमन श्रीवास्तव ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम और सीओ गांव में ही कैंप करते रहे।
ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा करने के लिए प्रकाशक से कराने गए थे हस्ताक्षर
- मामले की पड़ताल में सामने आया है कि विवाद की जड़ महज प्रतिमा स्थापना की नहीं, बल्कि ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे की कथित पहले से चली आ रही कोशिश थी। सीकरी गांव की प्रकाशक ज्योति के पिता रामकुमार ने बताया कि गांव के ही मान सिंह, चमन सिंह और अन्य व्यक्ति उनके पास 23 अगस्त को ग्राम समाज की भूमि पर पार्क बनाने के लिए उनकी बेटी के हस्ताक्षर कराने आए थे। उन्होंने ग्राम समाज की भूमि होने का हवाला देकर मना करते हुए कहा कि इसका पहले इंतखाब निकलवाकर ले आएं और इसकी अनुमति भी कराकर लाए। उन्होंने कहा कि केवल प्रकाशक के हस्ताक्षर से इतना बड़ा काम नहीं हो पाएगा। इसके बाद उन लोगों ने 24 की रात में ही ग्राम समाज की भूमि पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लाकर रख दी। मंगलवार को पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित करने पर आपत्ति जताई और उसे हटाने की बात कही थी।
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सरकारी भूमि पर कब्जा करने के चल रहे थे प्रयास, किसी को नही लगी भनक
- गांव सीकरी में ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास पिछले काफी दिनों से चल रहा था। इसके लिए गांव के ही एक समाज के लोगों की ओर से प्रधान से हस्ताक्षर कराने के भी प्रयास किए गए। गांव में मूर्ति लाकर रख ली गई। इसके बाद भी किसी को उनकी ओर से भूमि पर प्रतिमा स्थापित करने के बहाने भूमि कब्जा करने की भनक नहीं लग सकी। मंगलवार को प्रतिमा स्थापित होने के बाद सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई की।
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वर्जन
राजा की सीकरी गांव में शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस हर गतिविधि पर नजर रखे हैं। प्रकरण की जांच भी कराई जाएगी ताकि सरकारी भूमि पर कब्जा करने के पीछे षड्यंत्र सामने आ सके।
- अवनीश राय, डीएम
बुधवार टूटी गाड़ी से गांव पहुंची एसडीएम। संवाद
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बुधवार टूटी गाड़ी से गांव पहुंची एसडीएम। संवाद
बुधवार टूटी गाड़ी से गांव पहुंची एसडीएम। संवाद
बुधवार टूटी गाड़ी से गांव पहुंची एसडीएम। संवाद
बुधवार टूटी गाड़ी से गांव पहुंची एसडीएम। संवाद
बुधवार टूटी गाड़ी से गांव पहुंची एसडीएम। संवाद