बदायूं के सहसवान थाने में एक महिला ने अपने पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि पति नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करता है। तीन साल पुराने इस मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
बदायूं में तीन साल पुराने एक मामले में अपनी ही बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले पिता को कोर्ट ने सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट नीरज कुमार गर्ग ने अभियुक्त को 10 साल के कठोर कारावास व 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार महिला ने अपने ही पति के विरुद्ध सहसवान थाने में जनवरी 2022 में तहरीर देते हुए कहा कि वह कई महीनों से उसकी कक्षा सात में पढ़ने वाली 14 वर्षीय बेटी के साथ बुरा काम करता आ रहा था। रिपोर्ट दर्ज कराए जाने वाले दिन 31 जनवरी को तीन बजे उसका पति लड़की को पकड़कर जबरदस्ती कमरे में बंद करके उसके साथ बुरा काम कर रहा था। उसने देखा और उसे रंगे हाथों पकड़ा। तब बेटी ने बताया कि उसके पिता मां को पानी में नशे की दवाई दे देते थे। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म करते थे।
ऐसा करते हुए तीन माह बीत चुके हैं। पुलिस ने पिता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद कोर्ट ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। अभियाेजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद पिता दोषी पाए गए। कोर्ट ने उसे 10 साल का कठोर कारावास और 20 हजार का रुपये का जुर्माना लगाया है।