बदायूं। वजीरगंज इलाके में पकड़े गए शातिर हर बाद जगह बदलकर डीजल चोरी करते थे। टैंकर चालकों से उनका फोन पर संपर्क होता था। उनके बताये स्थान पर डीजल माफिया ड्रम लेकर पहुंच जाते थे। इसके बाद एक टैंकर से 50 या 100 लीटर डीजल चोरी कर लिया जाता था। बाद में उसमें केरोसिन मिलाकर डीजल सप्लाई कर देते थे।
वजीरगंज और आंवला पुलिस ने बुधवार शाम बगरैन में एक गोदाम पर छापा मारकर चोरी का डीजल बरामद किया था। पुलिस ने अन्य इलाकों में भी छापामारी की थी। इस दौरान पुलिस ने एक कार और 11400 लीटर डीजल बरामद किया। साथ ही तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद बृहस्पतिवार को बरेली पुलिस ने रईस अहमद और उसके बेटा अनीस को जेल भेज दिया है। बताते हैं कि दोनों पिता-पुत्र बहुत शातिर हैं। उन्होंने वजीरगंज में गोदाम किराए पर ले रखा था। वहीं चोरी का डीजल एकत्र कर रहे थे, लेकिन सीधे टैंकर वहां नहीं ले जाते थे। उन्होंने अपने कई ठिकाने बना लिए थे। उनका चालकों से सीधे फोन पर संपर्क होता था। चालक टैंकर लेकर पहुंचते तो दोनों पिता-पुत्र ड्रम लेकर पहुंच जाते थे। फिर टैंकर से डीजल चोरी कर लिया जाता था। इस तरह उन्होंने बगरैन में मिनी डिपो जैसा बना लिया था।
बताते हैं कि इससे पहले पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए दो बार बगरैन में डेरा डाला था। दोनों बाद पुलिस टैंकर आने का इंतजार करती रही। दरअसल पुलिस उन्हें रंगे हाथ पकड़ना चाहती थी, लेकिन उस दौरान टैंकर ही नहीं पहुंचे। बरेली पुलिस को मिली सटीक सूचना के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर िलया गया।
बगरैन में बरेली के आंवला थाने की पुलिस ने छापा मारा था। इससे पहले वजीरगंज पुलिस भी तलाश में थी। पुलिस ने दो बार रेकी की, लेकिन उस दिन टैंकर नहीं मिले थे। इससे मामला फेल हो गया था।
सिद्घार्थ वर्मा, एसपी देहात