कछला चौराहे पर भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत में इलाके के किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए आवाज बुलंद की गई। किसानों ने गन्ना का बकाया भुगतान कराने से लेकर आपदा और सूखा से हुए नुकसान पर भी प्रशासन को घेरने की कोशिश की। यूनियन ने जल्द मुआवजा नहीं मिलने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी है।
पंचायत में यूनियन के जिला उपाध्यक्ष जुगेंद्र सिंह ने कहा कि कटरी से जुड़े गांवों के किसान आपदा की चपेट में आते रहते हैं लेकिन प्रशासन हर बार ही उनके साथ भेदभाव करने से नहीं चूकता। बोले- पिछले साले आपदा के दौरान भी सर्वाधिक नुकसान कटरी के किसानों को ही उठाना पड़ा था। इस साल आपदा पीड़ितों में 10 फीसदी लोगों को भी मुआवजा नहीं मिल पाया है। जिलामंत्री नत्थूलाल वर्मा ने गन्ना बकाया भुगतान की समस्या उठाई। कहा कि प्रशासन को बकाया धनराशि मुहैया करानी चाहिए।
ब्लॉक अध्यक्ष सोमवीर सिंह ने गंगा किनारे के गांवों में पशुओं को बीमारी की चपेट में बताया। बोले-मुहंपका और खुरपका बीमारी का प्रकोप चल रहा है लेकिन पशु चिकित्सक गौर नहीं करते। पशु चिकित्सक उन्हीं पशुओं को देखने को पहुंचते हैं जिनके मालिक उनकी जेब गर्म करते हैं। यहां तक टीकाकरण अभियान भी शुरू नहीं किया गया है। यूरिया समेत डीएपी पर ओवररेट की आवाज भी उठी। यूनियन के नेताओं ने कछला ब्रिज स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टापेज की मांग करते हुए फैक्स के जरिए रेलमंत्री को ज्ञापन भेजा है। पंचायत में ओमवीर सिंह, नेत्रपाल सिंह, राजेश कुमार सिंह, नंदराम वर्मा, मेवाराम, बेनीराम वर्मा, सुरेशपाल सिंह और सुखपाल आदि मौजूद थे।