भारतीय किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को तहसील परिसर में किसानों की समस्याओं को लेकर बेमियादी धरना शुरू किया गया। साथ ही चेतावनी दी गई कि किसानों का शोषण बंद नहीं किया गया तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
धरने पर बैठे किसानों के बीच मंडलीय उपाध्यक्ष चौधरी ने कहा कि पिछले वर्ष पड़े सूखे के कारण किसान आर्थिक स्थिति में काफी पिछड़ गया है। बावजूद इसके बैंकों के अधिकारी किसानों के ऋण वसूली को लेकर कठोर रवैया अपना रहे हैं। जिससे किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह ने कहा कि बदायूं जिले को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने के बाद फिर से जिले का नाम शासन ने सूची से काट दिया, जबकि अन्य जिलों के नाम सूची में अब भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के नाम पर बैंकों में क्षेत्रीय जनता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। दलालों के माघ्यम से ऋण किए जा रहे हैं। जिससे लोगों को इस योजना का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बैंकों द्वारा की जा रही वसूली तत्काल बंद की जाने की मांग उठाई। इस मौके पर ब्लाक अध्यक्ष ब्रजपाल सिंह झा ने विचार रखे। धरने पर दर्जनों किसान मौजूद रहे।