बदायूं। जिले में किसानों का रुझान तेजी से मक्का की खेती की ओर बढ़ रहा है। बेहतर बाजार मूल्य, कम लागत और मौसम के अनुकूल उत्पादन के कारण किसान अब परंपरागत फसलों की बजाय मक्का को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही कारण है कि पिछले दो वर्षों में जिले में मक्का का रकबा लगातार बढ़ा है। अब यह करीब 60 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया है।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में जिले में मक्का का क्षेत्रफल करीब 38 से 40 हजार हेक्टेयर था। इसके बाद वर्ष 2025 में यह बढ़कर लगभग 45 हजार हेक्टेयर हो गया। मौजूदा वर्ष में मक्का का रकबा 60 हजार हेक्टेयर के करीब पहुंच चुका है। यानी दो वर्षों में करीब 20 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल बढ़ा है।
कृषि वैज्ञानिक संजय कुमार का कहना है कि मक्का की फसल कम समय में तैयार हो जाती है। साथ ही पशु आहार, पोल्ट्री उद्योग और स्टार्च उद्योगों में बढ़ती मांग के कारण किसानों को इसका बेहतर मूल्य भी मिल रहा है। इससे किसानों का भरोसा मक्का उत्पादन पर बढ़ा है। जिले के कई किसान अब गेहूं-धान के पारंपरिक चक्र से निकलकर मक्का को नकदी फसल के रूप में अपना रहे हैं। कृषि विभाग भी उन्नत बीज, तकनीकी सलाह और प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित कर रहा है।
जिले में किसानों का यदि यही रुझान जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में जिले में मक्का का क्षेत्रफल और बढ़ सकता है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ कृषि क्षेत्र को भी नई दिशा मिलेगी। - मनोज रावत, जिला कृषि अधिकारी
15 जून से शुरू होगी मक्का खरीद, सात सेंटर बनाए गए
- बिना पंजीकरण नहीं हो सकेगी सरकारी केंद्रों पर मक्का की खरीद
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बदायूं। किसान जिले में सात सेंटरों पर अपनी मक्का की उपज को बेच सकता है। इसके लिए प्रशासन की ओर से सभी मंडियों में केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर पंजीकृत किसानों की मक्का खरीदी जाएगी। इसके लिए शासन की ओर से समर्थन मूल्य की भी घोषणा कर दी गई है। इसके तहत 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से यह खरीद होगी, ताकि किसानों को उनकी उपज के सही दाम मिल सकें। और किसानों को कोई दिक्कत न हो।
शासन की ओर से मक्का खरीद के लिए 15 जून से क्रय केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन केंद्रों पर किसानों को मक्का बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। किसानों को बैठने और गर्मी में पेयजल की पूर्ण व्यवस्था होनी चाहिए। जिला प्रशासन की ओर से जिले की मंडियों में इन केंद्रों की स्थापना की गई है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी अतुल वशिष्ठ ने बताया कि शासन की ओर से मक्का खरीद के लिए 2400 रुपये प्रति क्विंटल दर निर्धारित की गई है। जो किसानों को उपज बेचने पर उनके खाते में दी जाएगी। वहीं बताया कि एक जून किसान विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण करा सकते हैं। मक्का बेचने के लिए किसान का पंजीकरण बेहद जरूरी है। इसके लिए किसान इस वेबसाइट पर fcs.up.gov.in पर पंजीकरण करा सकता है।