शहर के मालवीय आवास परिसर में धरना-प्रदर्शन करते किसान। संवाद
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बदायूं। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने जिले में धान व बाजरा की सरकारी खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। इनके स्तर से जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसको लेकर किसानों ने शुक्रवार को डीएम कार्यालय के सामने मालवीय आवास परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश पाल सिंह को सौंपा है।
किसानों का आरोप है कि जिले में धान व बाजरा खरीद केंद्रों पर तौल, गुणवत्ता निर्धारण और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता का घोर अभाव रहा। कई किसानों की फसल को बिना उचित कारण के खारिज कर दिया गया, जबकि कुछ स्थानों पर मानक से कम तौल कर किसानों को वंचित किया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रति किसान औसतन 60-70 क्विंतल धान उत्पादन होने के बावजूद खरीद केंद्रों पर इससे काफी कम मात्रा दर्शाई गई, जो पूरे प्रकरण को संदेह के घेरे में लाता है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में तहसील सहसवान के कई गांवों में अवैध तरीके से जमीनों पर हो रहे कब्जा रोकने की मांग की गई है। इस मौके पर रामाशंकर शंखधार समेत तमाम किसान मौजूद रहे।
किसानों की मांग पर बाजरा खरीद का समय और बढ़ा दिया गया है। सोमवार से फिर से केंद्रों पर बाजरा खरीदा जाएगा। धान खरीद सही तरीके से हो रही है। इसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है। यदि कोई शिकायत मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अतुल वशिष्ठ, जिला विपणन अधिकारी