वजीरगंज। थाना क्षेत्र के गांव निजामपुर में किसान सतीश (36) की हत्या करके उसका शव तालाब में फेंक दिया गया। उसके पैरों में डंडा और ईंटें बांध दी गईं थीं। वह पांच जुलाई से लापता थे। मंगलवार शाम उनका शव तालाब में उतराता मिला। किसी से रंजिश नहीं थी। हत्या की वजह अभी साफ नहीं हुई है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
ग्राम निजामपुर निवासी सतीश पुत्र जयपाल खेतीबाड़ी करते थे। वह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। परिवार वालों का कहना है कि 5 जुलाई की शाम सतीश खाना खाकर खेत पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। उसके बाद वह घर लौटकर नहीं आया। तब से परिवार वाले उसे तलाश कर रहे थे।
उन्होंने सभी जगह सतीश को तलाश कर लिया था लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चला। इससे परिवार वालों ने सोमवार को थाने आकर उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। इधर, मंगलवार शाम करीब छह बजे गांव के कुछ लोग अपने-अपने खेतों से लौट रहे थे। तभी उन्होंने तालाब में उसका शव उतराता हुआ देखा। उनकी सूचना पर युवक के परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने सूचना देकर थाना पुलिस को बुला लिया। इसके बाद युवक के शव को तालाब से बाहर निकाला गया लेकिन उसके पैरों में डंडा और ईंटें बंधी देखकर परिवार वाले हैरान रह गए। पिता जयपाल का कहना है कि युवक की हत्या कर शव को तालाब में फेंका गया था। उनकी तहरीर पर पुलिस ने हत्या के आरोप में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर अरविंद कुमार का कहना है कि युवक का शव तालाब में पड़ा मिला है। उसकी हत्या करके शव को तालाब में फेंका गया था। पैरों में ईंटें बंधी मिली हैं। इसमें रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
परिवार वालों का किसी से रंजिश से इन्कार
- सतीश के चचेरे भाई राजेंद्र सिंह ने बताया कि उसकी किसी से रंजिश नहीं थी। वह कभी कभी शराब पी लेता था। उसकी एक 17 साल की बेटी है। उसने किसी से आज तक गाली गलौज तक नहीं की। ऐसे में उसकी हत्या किसने की, अभी इसका पता नहीं चला है।