बदायूं। भारत सरकार की एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों के खेतों का ई-खसरा पड़ताल एवं किसान रजिस्ट्री (फॉर्मर आईडी) बनाने का कार्य कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं कॉमन सर्विस सेंटर की सक्रिय भागीदारी से किया जा रहा है। इस प्रक्रिया को लेकर उप कृषि निदेशक मनोज कुमार ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि संज्ञान में आया है कि कुछ सीएससी, जनसुविधा केंद्र एवं उनसे जुड़ी एजेंसियां किसानों को भौतिक, ऑफलाइन मोड में किसान पहचानपत्र जारी कर रहीं हैं। यह न केवल नियम विरुद्ध, बल्कि पूर्णत: अवैधानिक है। उप कृषि निदेशक ने स्पष्ट किया कि एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत किसी भी प्रकार से ऑफलाइन किसान पहचान पत्र जारी नहीं किया जाता।
उन्होंने किसानों को सचेत करते हुए कहा कि कुछ अवांछनीय तत्व किसानों को भ्रमित करने के लिए इस तरह की गतिविधियां कर रहे हैं। उन्होंने जनपद के सभी सीएससी, जनसुविधा केंद्रों और उनकी सहयोगी एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे ऑफलाइन मोड में किसी भी प्रकार का किसान पहचानपत्र या उसकी फोटोकॉपी न छापें, न प्रसारित करें और न ही वितरण करें।
उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की है कि यदि इस तरह का कोई प्रकरण संज्ञान में आए तो तत्काल इसकी सूचना उप कृषि निदेशक कार्यालय या राजस्व विभाग के अधिकारियों को दें। साथ ही इस संबंध में टोल-फ्री नंबर 0522-2317003 पर भी जानकारी साझा की जा सकती है।