बदायूं के उसावां थाना क्षेत्र के गांव नैनामई में झोलाछाप के इलाज से किसान की मौत हो गई। घटना के बाद झोलाछाप अपनी दुकान बंदकर भाग गया। परिजनों ने उस पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है।
बदायूं के उसावां थाना क्षेत्र के गांव नैनामई निवासी रामप्रकाश (48 वर्ष) को रविवार की शाम को बुखार आ गया। वह कस्बा में एक झोलाछाप के यहां दवाई लेने गए थे। परिजनों का आरोप हे कि उसने ड्रिप लगा दी। इसी दौरान रामप्रकाश के सीने में दर्द होने लगा तो उन्होंने झोलाछाप को बताया। इस पर उसने इंजेक्शन लगा दिया। जिसके बाद हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर में रामप्रकाश की मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसपर पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम भेजा।
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मृतक के भाई करन सिंह ने बताया कि उनके भाई रामप्रकाश किसान थे। उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। उनको सिर्फ बुखार आया तो वह कस्बे के ही एक झोलाछाप के यहां दवा लेने चले गए। वहां उसने गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे भाई की मौत हुई है। मौत की भनक लगते ही झोलाछाप दुकान का शटर डालकर भाग गया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसपर पुलिस ने शव को जिला मुख्यालय भेजा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इंस्पेक्टर वीरपाल सिंह का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद परिवार के लोग जो भी शिकायती पत्र देंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।