गन्ना क्रय केंद्र के आवंटन के दौरान उनके क्रय केंद्रों को मना करने के बावजूद बिसौली चीनी मिल से जोड़े जाने से खफा किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इसके बाद डीएम को ज्ञापन देकर उनके गन्ना क्रय केंद्रों को शेखूपुर चीनी मिल से संबद्ध किए जाने की मांग की गई।
शेखूपुर स्थित सहकारी चीनी मिल से चंदऊ, कठौली सहित 12 गन्ना क्रय केंद्र पहले जुड़े हुए थे। इस पेराई सत्र में सहकारी चीनी मिल के पास केवल एक क्रय केंद्र रह गया है, शेष केंद्रों को बिसौली एवं अन्य चीनी मिलों से जोड़ दिया गया है। इसके विरोध में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि वे लोग किसी कीमत पर बिसौली चीनी मिल को गन्ने की बिक्री नहीं करेंगे, क्योंकि चीनी मिल प्रशासन उन गन्ना बकाया का भुगतान बहुत देर से करता है। प्रदर्शन करने वाले किसानों में राजपाल सिंह, मुकेश सिंह, नरेंद्र सिंह, चिरौंजीलाल, हरप्रसाद सिंह, सत्यपाल सिंह, भुवनेश कुमार, ब्रह्मपाल सिंह, अमरदीप आदि तमाम किसान मौजूद रहे।
ये है समस्या
चंदऊ के विनोद कुमार ने कहा कि वह सहकारी चीनी मिल के शेयर होल्डर है। इसके बावजूद उनका क्रय केंद्र बिसौली चीनी मिल से जोड़ दिया। शहजादनगर खेड़ा के शिवओम सिंह, कटौली के विश्राम सिंह, बरामयखेड़ा के नीरेद्र सिंह और चंदऊ के ऋषिपाल ने कहा कि सहकारी चीनी मिल उनके यहां से 10 किलोमीटर दायरे में है, जबकि बिसौली चीनी मिल 40 किलोमीटर दूर है। इसलिए वे लोग सहकारी चीनी मिल में क्रय केंद्र जोड़ना चाहते हैं।
शेखपुर सहकारी चीनी मिल में आवश्यकता के हिसाब से एक गन्ना क्रय केंद्र दिया गया है। मिल गेट पर ही गन्ने की खरीद की जाएगी। बिसौली चीनी मिल नजदीक होने से वहां पर क्रय केंद्र आवंटित किया गया है।
-रामकिशन, सचिव, गन्ना सहकारी समिति