हरीश अनेजा स्मृतिद्वार के पास सड़क किनारे लेटा व्यक्ति। संवाद
बदायूं। जिले में लगातार बढ़ रही भीषण ठंड और सर्द हवा ने आम जनजीवन को तो प्रभावित किया ही है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर गरीब, मजदूर और बेसहारा लोगों पर पड़ रहा है। तापमान में लगातार गिरावट के चलते रातें और भी सर्द हो गईं हैं। ऐसे हालात में कई लोग सड़कों के किनारे, फुटपाथों पर और बंद दुकानों के शटर के पास रात गुजारने को मजबूर हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने बुधवार की रात की गई पड़ताल के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में कई स्थानों पर ऐसे लोग देखे जो कोई पुराने कपड़ों से शरीर से लपेटे हुए थे। तो कोई फटी-पुरानी चादरों में सिमटकर जमीन पर लेटा हुआ मिला। ठंडी हवा से बचने के लिए लोग दीवारों और शटर के सहारे दुबके हुए दिखाई दिए। कुछ स्थानों पर लोगों ने लकड़ी, कागज और कूड़ा जलाकर अलाव की व्यवस्था की थी।
अलाव के चारों ओर बैठे लोग हाथ सेंकते नजर आए, लेकिन तेज सर्द हवा के कारण आग की गर्मी भी नाकाफी साबित हो रही थी। कई लोगों ने बताया कि ठंड के कारण रात काटना बेहद मुश्किल है, लेकिन मजबूरी में खुले आसमान के नीचे रहना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में सर्दी और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में सड़कों पर रात गुजारने वाले लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। लगातार गिरते तापमान और सर्द हवाओं के बीच खुले में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। जिले में पड़ रही भीषण ठंड गरीब और बेसहारा लोगों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
खुले आसमान के नीचे किसी को ठंड में नहीं सोने दिया जाएगा। उनको रैन बसेरा में लेटाया जाएगा। इसको लेकर सभी संबंधित को निर्देशित किया गया है। -अरूण कुमार, एडीएम प्रशासन
हरीश अनेजा स्मृतिद्वार के पास सड़क किनारे लेटा व्यक्ति। संवाद