पंजीकृत भी नहीं था अस्पताल
निजी अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन के नोडल अधिकारी डॉ. पंकज शर्मा का कहना है कि मैक्स अस्पताल के नाम से विभाग में न कोई रजिस्ट्रेशन है और न ही कोई लंबित है। न ही कभी इसके लिए आवेदन किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों पर उठे सवाल
अस्पताल का संचालक ही नकली नोट छाप रहा था लेकिन कभी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कभी अस्पताल की जांच नहीं की। हैरानी की बात यह है कि अभी तक अस्पताल सील नहीं किया गया है।
अलापुर में पकड़े गए थे नकली नोट बनाने वाले
अगस्त 2022 में अलापुर थाना क्षेत्र के गांव भसराला में पिता-पुत्र नकली नोटों के साथ पकड़े गए थे। भसराला निवासी नूरुल हसन और उसका बेटा शहबाज नकली नोट बनाने का काम करता था। पकड़े जाने से पहले वह करीब 50 हजार के नकली नोट खपा चुके थे। वह केवल दो-दो सौ के नोट बनाते थे। 11 अक्तूबर 2019 को भसराला निवासी यावर, इरशाद और सिपाही जितेंद्र को पकड़ा था। उनके पास से नकली नोट और प्रिंटर बरामद हुए थे। चौथा आरोपी मुजीब 18 अक्तूबर को पकड़ा गया था।