म्याऊं। हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव लभारी में संचालित एक जनसेवा केंद्र पर फर्जी तरीके से सरकारी प्रपत्र बनाने के मामला उजागर हुआ है।
जनसेवा केंद्र संचालक ने एक ग्रामीण को उसके तीन बच्चों के चार दिन में जन्म प्रमाण पत्र बनाकर थमा दिए। जब वह बृहस्पतिवार को आधार कार्ड बनवाने म्याऊं स्थित केंद्र पर पहुंचा तो तीनों जन्म प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। पीड़ित ने जानकारी होने पर कुछ लोगों की मदद से पुलिस प्रशासन के एक्स हैंडल पर मामले की शिकायत की है। इस मामले में एसडीएम ने जांच बैठा दी है।
हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव भाऊ नगला निवास संजीत कुमार पानीपत में रहकर एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। संजीत के बेटे अंश, देवांश और बेटी सान्वी पानीपत के स्कूल मेें पढ़ते हैं। जहां स्कूल में तीनों बच्चों के आधार कार्ड मांगे गए थे। संजीत कुमार होली पर गांव लौटे थे। इसके बाद वह आधार कार्ड से पहले बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लभारी स्थित एक जनसेवा केंद्र के संचालक से मिले। यहां संचालक ने बताया कि वह तीन चार दिन में बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनाकर दे देगा।
इसके लिए संंचालक ने संजीत कुमार से शुल्क बतौर तीनों प्रमाणपत्रों के 650 रुपए लिए। बृहस्पतिवार को उसने संचालक से तीनों जन्म प्रमाणपत्र लिए और आधार कार्ड बनवाने के लिए बच्चों को लेकर म्याऊं स्थिति आधार कार्ड सेंटर पर पहुंचे।
यहां सेंटर संचालक ने तीनों प्रमाणपत्रों को फर्जी बताकर उन्हें वापस कर दिया। जब पीडि़त ने इसकी शिकायत करने की बात जनसेवा संचालक से कही तो वह तरह-तरह के प्रलोभन देने लगा।
अपने साथ हुए फर्जीवाड़े की बात संजीत कुमार ने कई लोगों को बताई। लोगों की मदद से उसने एक्स हैंडल पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के बारे में शिकायत दर्ज कराई। लोगों का कहना है कि संचालक पहले भी कई लोगों को इसी तरह के फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर दे चुका हैै।
एक्स हैंडल पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाने का मामला संज्ञान में आया है। पुलिस जांच कर रही है। इसके बाद कार्रवाई जाएगी। - धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम दातागंज
थाने पर लिखित शिकायत नहीं आई हैं, पीडि़त के द्वारा पुलिस प्रशासन के एक्स हैंडल पर शिकायत पोस्ट की गई है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई जाएगी। - देवेंद्र सिंह, एसओ हजरतपुर