उसवां में श्रीराम वनवास का मंचन करते कलाकर। संवाद
दबतोरी। गांव मुसियानगला में चल रही रामलीला में कुंभकर्ण-इंद्रजीत वध, सुलोचना सती की लीला का शानदार मंचन किया गया। सुलोचना का विलाप देख दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
रावण कुंभकरण को जगा कर उसको श्रीराम-लक्ष्मण के वध के लिए भेजता है, जहां कुंभकरण व विभीषण से मुुलाकात होती है। कुंभकर्ण-श्रीराम का युद्ध होता है। युद्ध के दौरान कुंभकर्ण मारा जाता है। रावण इंद्रजीत को युद्ध के लिए भेजता है हनुमान जी वानर सेना को ले जाकर इंद्रजीत का यज्ञ भंग करते हैं। लक्ष्मण से भयंकर युद्ध होता है। जिसमें मेघनाद का वध होता है। मेघनाथ की पत्नी सुलोचना रामादल में आकर अपने पति का कटा हुआ सिर मांगती है। श्रीराम इंद्रजीत का सम्मान सिर लौटा देते है। सुलोचना अपने पति के सिर के साथ सती हो जाती है। सुलोचना का शानदार अभिनय देखा दर्शक भाव-विभोर हाे गए। संवाद
राम वनवास की लीला का हुआ मंचन
उसावां। नगर की सब्जी मंडी में चल रही रामलीला में बृहस्पतिवार की रात वृंदावन के कलाकारों ने राम वनवास की लीला का मंचन किया।
दिखाया गया कि मंथरा के कहने पर रानी कैकेई दो वरदान मांग लेतीं हैं। श्रीराम को चौदह वर्ष का वनवास और भरत को राजगद्दी। इसके बाद अयोध्या नगरी में सन्नाटा पसर जाता है। माता पिता की आज्ञा लेकर राम सीता व लक्ष्मण वनवास के लिए निकल पड़ते है। राम वनवास का मंचन देख लोग भाव विभार हो उठे। संवाद
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उसवां में श्रीराम वनवास का मंचन करते कलाकर। संवाद