विश्व में तंबाकू उत्पादों से होने वाले दुष्परिणाम लगातार सामने आ रहे हैं। कैंसर जैसी बीमारियों से लोग मौत के शिकार बन रहे हैं। ये आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके बाद भी सबक नहीं लिया जा रहा। वैसे हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। तंबाकू निषेध दिवस सेमिनार और गोष्ठियों पर सिमट कर रह गया है।
एक ओर तंबाकू उत्पादों के सेवन के प्रति लोगों को जागरूक करने के दावे होते हैं। दूसरी ओ तमाम जगहों पर नियमों का खुल्लम खुल्ला उलंघन हो रहा है। स्कूल-कॉलेज के गेट पर तंबाकू उत्पादों की बिक्री हो रही है। इस ओर हुक्मरानों और सामाजिक संस्थाओं का ध्यान नहीं जाता। तंबाकू उत्पाद युवा पीढ़ी को जद में लेकर कमजोर कर रहे हैं। युवाओं में बढ़ते रोग भी इसकी एक वजह हैं। स्कूल-कॉलेजों में जागरुकता कार्यक्रम भी नहीं हो रहे हैं।
ये हैं नियम-
- शिक्षण संस्थाओं के निकट तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक
- सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध
- प्रत्याक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से तंबाकू उत्पादों के प्रचार पर रोक
- 18 वर्ष से कम उम्र वालों को तंबाकू उत्पादों पर बिक्री पर रोक
- तंबाकू उत्पादों पर स्पष्ट चेतावनी और फोटो
ये बीमारियां होती हैं-
धुम्रपान से श्वास संबंधी रोग, कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, नपुंसकता, गर्भाशय संबंधी रोग, जीभ-मुंह और गला संबंधी रोग आदि होते हैं।
यह होने चाहिए उपाय-
- तंबाकू उत्पादों की जांच के लिए लैब की स्थापना
- स्कूल, कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन
- स्वास्थ्य, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षकों को प्रशिक्षण
- तंबाकू नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना
- प्रत्येक जनपद में तंबाकू नियंत्रण सेल की स्थापना
तंबाकू उत्पादों के सेवक से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूकता की जरूरत है। विश्व में धूम्रपान के सेवन होने वाली मौतों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। युवा पीढ़ी को तंबाकू उत्पादों के सेवन से बचाने को जरूरी पहल होनी चाहिए। -डॉ. कौशल गुप्ता, प्रभारी संक्रामक रोग नियंत्रण सेल
एनसीसी कैडेट्स ने निकाला मार्च
बदायूं। एसके इंटर कॉलेज के एनसीसी कैडेट्स ने पैदल मार्च निकाल कर तंबाकू उत्पादों के प्रति लोगों को सचेत किया। एसके इंटर कॉलेज के शुरू हुए पैदल मार्च का घंटाघर, लालपुल चौराहा, महाराणा प्रताप चौक, डीएम रोड, नेकपुर, आवास विकास, पुलिस लाइंस, लावेला चौक आदि स्थानों पर भ्रमण के बाद एसके इंटर कॉलेज में समापन हुआ।
बाद में हुई गोष्ठी में प्रधानाचार्य डॉ. योगेश्वर सिंह ने कहा कि तंबाकू का सेवन किसी भी रूप में सुरक्षित नहीं है। उन्होंने तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया। विजय गौतम ने बताया कि तंबाकू के सेवन से हर साल 10 लाख लोगों की मौत होती है। इस मौके पर डॉ. संतोष कुमार सिंह, रमेश सिंह आदि ने भी विचार रखे।