छात्र संगठनों द्वारा बोर्ड परीक्षा के दौरान अघोषित बिजली कटौती को बंद किए जाने की चेतावनी के बाद भी हालात में सुधार नहीं है। लिहाजा परीक्षार्थियों को पढ़ाई की तैयारी करने में दिक्कत आ रही है। छात्र संगठनों ने कहा यदि तत्काल कटौती को बंद नहीं किया गया, तो बिजली महकमे के अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। महकमे के अफसर यहीं दोहरा रहे हैं कि कटौती स्थानीय स्तर पर नहीं हो रही है।
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, मगर बिजली की कटौती को बंद नहीं किया गया है। परीक्षार्थियों का कहना है कि शाम को हो रही कटौती से उनकी पढ़ाई पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। तैयारी करने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। छात्र संगठनों ने कहा है कि शाम को हो रही कटौती को लेकर बिजली महकमे के अधिकारी गंभीर नहीं है। उनका मानना है यदि अधिकारी और सत्तारूढ़ दल के जनप्रतिनिधि प्रयास करें, तो शाम की कटौती से मुक्ति मिल सकती है। छात्र संगठनों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शाम की कटौती को बंद नहीं किया गया, तो वह जल्द ही आंदोलन करेंगे। इस बारे में बिजली महकमे के अधिकारियों का कहना है कि जो भी शेड्यूल चल रहा है, वह कंट्रोल रूम से ही निर्धारित है। जो भी कटौती होती है, वह वहीं से ही की जाती है। स्थानीय स्तर पर किसी तरह की कटौती नहीं हो रही है।
छात्र बोले, सांसद करें प्रयास
कई छात्रों ने कहा कि शाम को हो रही कटौती को बंद कराने के लिए क्षेत्रीय सांसद धर्मेंद्र यादव को कारगर प्रयास करने चाहिए। कहा यदि वह चाहेंगे तो कटौैती बंद हो जाएगी। वह पहले ही सांसद से कटौती को बंद कराने की मांग कर चुके हैं। विधायकों को भी पत्र दिए गए हैं।