फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: बदायूं के कदमनगला गांव में कटान का कहर, मेंथा प्लांट का भंडार गृह गंगा में समाया, बिगड़ रहे हालात

Tue, 18 Aug 2026 05:48 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं के उसहैत क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित कदमनगला गांव में गंगा की कटान का कहर जारी है। एक मेंथा प्लांट का भंडार गृह भी नदी में समा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें मदद नहीं मिल रही है। तीन सौ बीघा से अधिक कृषि भूमि कटान में बह गई है।
विज्ञापन
गंगा नदी में कट चुकी है सैकड़ों बीघा जमीन - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बदायूं के उसहैत क्षेत्र में बाढ़ के लिहाज से अति संवेदनशील कदमनगला गांव में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। गंगा नदी की लहरें तेजी से भू-कटान कर रही हैं। यहां मेंथा प्लांट का भंडार गृह भी गंगा नदी में समा गया। अब सिर्फ उसके अवशेष नजर आ रहे हैं। छप्परनुमा मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। 

विज्ञापन


पूर्व में माध्यमिक विद्यालय का भवन गंगा नदी में समा गया था। ग्रामीण 20 दिनों से बाढ़ की मार झेल रहे हैं। हालांकि नदी का जलस्तर नहीं बढ़ा है, लेकिन कटान से तबाही बढ़ती जा रही है। वहीं, मंगलवार को प्रशासन ने गांव में कोई राहत शिविर नहीं लगाया, जबकि गांव में रह रहे ग्रामीणों के साथ पशुओं को भी जांच की जरूरत है।

कदमनगला गांव में देवेंद्र पाल सिंह का मेंथा प्लांट है। उसका भंडार गृह मंगलवार को गंगा नदी में समा गया। जलस्तर बढ़ते ही प्लांट को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं, बाढ़ की स्थिति गंभीर देखते हुए ग्रामीणों ने सभी घरों को खाली कर दिया है। घरों में सामान नहीं है लेकिन पशुओं को छोड़कर ग्रामीण कहीं जा नहीं रहे हैं। 

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

प्रशासन की ओर से नहीं मिली राहत 
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से कोई राहत नहीं मिल रही है और न ही कोई राहत शिविर लगाया गया है। ऐसे में सड़क किनारे खुले में रहना मजबूरी बनती जा रही है। गंगा नदी रोज कटान कर रही है। खेतिहर भूमि गंगा में समाती जा रही है। अब तक तीन सौ बीघा से ज्यादा कृषि भूमि गंगा में समा गई। 

ग्रामीण बोले- हमारी पीड़ा कोई नहीं समझ रहा 
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कोई भी उनकी पीड़ा समझने को तैयार नहीं है। न जनप्रतिनिधि स्थिति देखने आ रहे हैं और न ही प्रशासन सुध ले रहा है। बाढ़ खंड़, प्रशासन के अधिकारी कई बार आए लेकिन गांव को बचाने की कोई पैरवी नहीं हुई है। गांव के लोग दहशत के बीच रहने को मजबूर हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें