उझानी। ट्रांसमिशन सेंटर और बिजली उपकेंद्र के बीच मुख्य लाइन को जोड़ने वाले केबल बॉक्स में सुबह छह बजे फॉल्ट आ गया। कस्बे की बिजली गुल हो जाने के बाद कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान 15 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ गया। अपराह्न करीब एक बजे आपूर्ति शुरू होने के बाद लोगों ने राहत महसूस की।
बिजली उपकेंद्र के केबल बॉक्स में फॉल्ट के बाद मौके पर पहुंचे एसडीओ प्रशांत वार्ष्णेय ने कर्मचारियों को भी बुला लिया। चंदन कश्यप और सुभाष चंद्र समेत पांच- छह कर्मचारियों को बॉक्स की केबल बदलने के काम पर लगा दिया। कर्मचारियों ने दोपहर करीब 12 बजे तक केबल बॉक्स ठीक कर दिया, लेकिन उसी दौरान रोस्टरिंग शुरू हो गई। बीच में करीब आधा घंटे तक सप्लाई मिली भी, लेकिन बाद में डेढ़ घंटे के लिए उपभोक्ताओं को फिर से रोस्टरिंग का सामना करना पड़ा।
एसडीओ वार्ष्णेय ने बताया कि ट्रांसमिशन सेंटर से बिजली उपकेंद्र तक इसी केबल बॉक्स के जरिये मुख्य लाइन कस्बे के ट्रांसफॉमरों तक पहुंचती है। देहात क्षेत्र की सप्लाई पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। बिजली सप्लाई बाधित होने से कस्बाइयों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा। अधिकतर परिवारों का घरेलू कामकाज भी प्रभावित रहा। दो बजे के बाद सप्लाई पूरी तरह सुचारू होने के बाद उपभोक्ताओं के साथ बिजली कर्मचारियों ने भी राहत महसूस की।
बता दें कि पिछले महीने बाइपास इलाके का केबल बॉक्स भी फुंक गया था। तब भी करीब आधे आबादी क्षेत्र को बिजली के अभाव में दिक्कत हुई थी।
बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से बिसौली वाले परेशान
बदायूं। बिसौली नगर में बिजली समस्या दिनों-दिन विकराल रूप ले रही है। पुराने मोहल्लों की हालत और भी बदतर है। कई इलाकों में अब तक केबल लाइन की उचित व्यवस्था नहीं की गई है। यहां उपभोक्ताओं को 200–300 मीटर दूर से अपनी-अपनी केबल डालकर कनेक्शन लेना पड़ता है। इस व्यवस्था के चलते आए दिन नई दिक्कतें पैदा हो रही हैं।
बंदरों की उछलकूद से तार टूट जाते हैं, जिससे घरों की बिजली अचानक गुल हो जाती है। रात के समय उपभोक्ताओं को घंटों अंधेरे में बैठना पड़ता है। उपभोक्ताओं की बार-बार शिकायतों के बावजूद निगम इस ओर से आंखें मूंदे हुए है। मोहल्ले वासियों ने विद्युत निगम से सामूहिक रूप से केबल लाइन की नई, स्थायी व्यवस्था कराए जाने की मांग की है। संवाद