कादरचौक। उझानी से आने वाली मुख्य लाइन के केबल बॉक्स फुंक जाने के बाद बृहस्पतिवार की रात एक बजे से सब स्टेशन ठप हो गया। इससे जुड़े क्षेत्र के 77 गांवों की बिजली गुल हो गई। करीब एक लाख लोग प्रभावित हुए। पूरी रात लोगों ने अंधेरे में गुजारी है। तीसरे दिन शनिवार को भी हालात जस के तस बने हुए हैं। बिजली से संचालित तमाम कार्य नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के उद्योग-धंधे और कृषि कार्य चौपट हो गए हैं।
बृहस्पतिवार की रात लाइन में फाॅल्ट हुआ। इसके बाद शुक्रवार मरम्मत किए जाने पर मात्र दो घंटे ही बिजली चल सकी। शुक्रवार की शाम को केबल बॉक्स फुंक गया। जो शनिवार तक ठीक नहीं हो सका है। मेल लाइन के फाॅल्ट से बिजली उपकेंद्र पूरी तरह ठप हो गया है। बिजली उपकेंद्र से जुड़े 77 गांवों को बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी है। बिजली ठप हो जाने से इन गांवों के करीब एक लाख लोग प्रभावित हो गए हैं। आटा चक्की, स्पैलर, कुटाई मशीन समेत ग्रामीण क्षेत्र के लघु उद्योग चौपट हो गए हैं।
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मेगर मशीन से चेक ही लाइन, नहीं मिला फाल्ट
कादरचौक विद्युत उपकेंद्र के कर्मचारी फाॅल्ट नहीं पकड़ सके हैं। दरअसल, उझानी से यहां सब स्टेशन तक आने वाली मुख्य लाइन काफी घुमावदार और लंबी है। रास्ते में कई जगह पेड़ों की टहनियों के बीच से आ रही है। इससे इस लाइन का फाॅल्ट आसानी से पकड़ में नहीं आता है। विद्युत उपकेंद्र की 33 केवीए लाइन सप्ताह में एक या दो बार ठप हो जाती है।
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मेन लाइन में फाॅल्ट है। इसे दिखवाया जा रहा है। तकनीकी कार्यों में विलंब हो ही जाता है। कोशिश लगातार जारी है। जल्दी ही आपूर्ति बहाल करेंगे।
-प्रशांत वार्ष्णेय, एसडीओ, विद्युत उपकेंद्र, कादरचौक, उझानी।